जमीन गई तो जान भी दांव पर…. 85 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा युवक, हजारीबाग में घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा…
हजारीबाग।झारखण्ड में टावर पर चढ़कर विरोध जताने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बानादाग गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जमीन विवाद और दाखिल-खारिज नहीं होने से नाराज एक युवक 85 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। देखते ही देखते पूरा इलाका ‘हाईवोल्टेज ड्रामे’ का गवाह बन गया।
युवक का आरोप है कि उसकी जमीन की जमाबंदी कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी गई है। कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद जब उसे न्याय नहीं मिला, तो उसने विरोध का यह खतरनाक तरीका अपनाया। टावर की ऊंचाई से वह लगातार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायतों के समाधान की मांग करता रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अंचल अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। घंटों तक चले मान-मनौव्वल और समझाइश के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की गई। इस दौरान टावर के नीचे लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हालात ऐसे बने कि सड़क पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में समय पर सुनवाई और समाधान नहीं होने के कारण लोग हताश होकर ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं प्रशासन के लिए भी यह नई चुनौती बनती जा रही है। टावर पर चढ़ने की घटनाओं से न सिर्फ कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब टावर पर चढ़कर हंगामा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी कामकाज पर दबाव बनाने का तरीका बनती जा रही हैं, जिसे रोकना जरूरी है।
क्या जमीन विवादों का समय पर समाधान नहीं होना लोगों को ऐसे खतरनाक रास्ते पर धकेल रहा है? या फिर टावर पर चढ़कर सुर्खियां बटोरना अब विरोध का नया ट्रेंड बन गया है? हजारीबाग की यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ गई।

