जंगली हाथियों का कहर:एक ही परिवार के पांच लोगों को कुचला,दो महिला की मौत,तीन घायल
सरायकेला।झारखण्ड के सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सोड़ो पंचायत के हाड़ात गांव में जंगली हाथियों ने बीती रात भीषण उत्पात मचाया।इसके बाद से पूरे इलाके में में दहशत का माहौल बन गया।इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया और घरों को नुकसान पहुंचाते हुए लोगों पर हमला कर दिया।लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही हाथियों ने हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना इतनी भयावह थी कि परिवार के लोग संभल भी नहीं पाए और हाथियों के हमले का शिकार हो गए।इस घटना में चाइना देवी और अमिता कुमारी की मौत हो गई। घायलों में कमलचंद महतो, मोहन महतो और सतुला देवी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जाता है कि हाड़ांत गांव निवासी सतुला देवी और उसका पति मोहन महतो कमरे में सोये थे। धान की खुशबू सुंघकर हाथी वहां पहुंच गए और धान खाने के लिए उक्त मकान को तोड़ने लगे। जिससे मकान ध्वस्त होकर गिर गया और मकान के अन्दर सोये संतुला देवी व उनका पति मोहन महतो मलवे में दब गए।मलवे में दबे होने के बाद भी उनलोगों ने शोर मचाना शुरु किया तो पास के मकान में सोए उसके बेटे कमलचंद महतो, बहू चाईना देवी (37) व पोती अमिता बाला (13) की आंख खुल गई।
मां व पिता की चिल्लाने की आवाज सुनकर जैसे ही वे कमरे से बाहर निकले, आंगन में हाथियों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और वहीं, चाईना देवी व पोती अमिता कुमारी को कुचल कर मार दिया, जबकि बेटा चौकी के नीचे छुपने में कामयाब हो गया जिससे उसकी जान बच गई।तब तक मौके पर ग्रामीण पहुंच गए और किसी तरह हाथियों को वहां से खदेड़ने में कामयाब हुए। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई और मलवे से घायलों को निकाल कर एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।
मौके पर पहुंचे वन विभाग के टीम ने दोनों मृतक के आश्रित के 50-50 हजार रुपये कर एक लाख रुपये व घायलों को 10-10 हजार रुपये दिए। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।

