कोडरमा की महिला को राजस्थान पुलिस ने किया गिरफ्तार…करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई,सामने आए कई चौंकाने वाले राज….

कोडरमा।जमीन फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में राजस्थान पुलिस ने कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र से एक महिला को हिरासत में लिया है। शुक्रवार को राजस्थान के चुरू जिले के राजगढ़ थाने की पुलिस टीम तिलैया पहुंची और अड्डी बांग्ला निवासी संगीता देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए तिलैया थाना ले आयी।इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। मामले के संबंध में राजगढ़ थाने के एसआई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संगीता देवी, महावीर राजगढ़िया की पत्नी हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने चुरू जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की जमीन को फर्जी कागजात के आधार पर बेहद कम कीमत पर बेच दिया।

इस मामले में राजगढ़ के वार्ड पार्षद महेंद्र जनोंदिया को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत अक्टूबर 2022 में हुई, जब राजगढ़ निवासी राजेश कुमार ने जमीन फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई।जांच में सामने आया कि 1337.67 वर्ग फीट के एक प्लॉट, जिसकी वास्तविक कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए थी, को गलत दस्तावेजों के जरिए बेचा गया।

तफ्तीश के दौरान यह खुलासा हुआ कि महेंद्र जनोंदिया और मनोज कुमार ने मिलकर जमीन के असली मालिक की पहचान खोजी और पता लगाया कि यह संपत्ति मंगलचंद धनोदिया के परिवार से जुड़ी है। परिवार में केवल ‘संगीता’ नाम की एक महिला के जीवित होने की जानकारी मिली, जिनके पति का नाम महावीर है।इसके बाद दोनों ने ऐसी महिला की तलाश शुरू की, जिसका नाम संगीता हो और पति का नाम महावीर हो। इसी क्रम में वर्ष 2022 में संगीता देवी राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सालासर धाम दर्शन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात मनोज से हुई।

बातचीत में जैसे ही संगीता ने अपना और अपने पति का नाम बताया, मनोज और उसके सहयोगियों ने इस महिला का उपयोग कर फर्जीवाड़े की योजना बना ली। इसके बाद संगीता को लालच देकर एक फर्जी वंशावली तैयार की गई, जिसमें उन्हें मंगलचंद की विधवा बहू दिखाया गया। फिर पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से जमीन मनोज के नाम कर दी गई।

पुलिस के अनुसार, मनोज ने इस काम के लिए संगीता को 11 लाख रुपए दिए, जबकि संगीता का दावा है कि उन्हें मात्र 11 हजार रुपए ही मिले। जांच में यह भी सामने आया कि मनोज ने बाद में यह जमीन राजेश कुमार को बेच दी। जब राजेश इस जमीन को आगे बेचने गए, तब निबंधन कार्यालय में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद राजेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि संगीता देवी पहले भी वर्ष 2015 में इसी तरह के एक मामले में शामिल रही हैं, जिसमें करीब एक करोड़ रुपए की जमीन फर्जी तरीके से बेची गई थी। उस मामले में भी उनके खिलाफ केस दर्ज है और मामला फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है।फिलहाल राजस्थान पुलिस संगीता देवी को अपने साथ राजगढ़ ले जा रही है, जहां उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

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