छिनतई, आपसी विवाद या कुछ और? नामकुम गोलीकांड में पुलिस तलाश रही सच,घटनास्थल से मिला खून लगा चप्पल और सोने का लॉकेट..
राँची। नामकुम के कुटियातु आर्मी भर्ती मैदान में सोमवार देर शाम हुई गोलीबारी की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार रोहित कुमार को पैर में गोली मार दी गई थी। घायल अवस्था में रोहित ने सबसे पहले अपने भाई रौशन सिंह को फोन कर हादसे की जानकारी दी। हालांकि मौके पर पहुंचने के बाद जो कहानी सामने आई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, रोहित ने बताया कि बाइक सवार तीन युवकों ने उसके साथ छिनतई का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने उसके पैर में गोली मार दी और फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल रोहित को स्थानीय लोगों की मदद से पहले सदर अस्पताल और फिर रिम्स भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। गोली अभी भी पैर में फंसी हुई है, जिसे ऑपरेशन कर निकाला जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल से खून लगा चप्पल और सोने का एक लॉकेट बरामद किया है। इन दोनों सुरागों को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर पांडेय समेत कई थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर पहुंची थी।
इधर,मंगलवार को भी अधिकारियों ने घटनास्थल, घायल की दुकान और नामकुम थाना पहुंचकर जांच की प्रगति की समीक्षा की।
क्या छिनतई थी वजह या कहानी में है कोई और मोड़?
पुलिस केवल छिनतई के एंगल पर ही नहीं, बल्कि अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आपसी विवाद या साथ बैठकर खाने-पीने के दौरान गोली चलने की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है। इसी वजह से पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद भर्ती मैदान में मौजूद कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
क्या यह सिर्फ छिनतई के दौरान हुई फायरिंग थी, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? पुलिस इसी रहस्य से पर्दा उठाने में जुटी है।

