Ranchi:माँ के अवैध-सम्बंध से खौला बेटे का खून; एक ‘ताना’ बना तनवीर की मौत का सबब…दो गिरफ्तार


राँची।राजधानी के डोरंडा इलाके में हुए सनसनीखेज तनवीर अंसारी हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ऐसा खुलासा किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह कोई मामूली रंजिश नहीं, बल्कि माँ के कथित प्रेम संबंध से उपजे ‘पारिवारिक सम्मान’ और गुस्से की खूनी दास्तान है। अपनी माँ की आशिकी से तंग आकर एक बेटे ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि आज वह सलाखों के पीछे है और दूसरा दुनिया छोड़ चुका है।

​ताने ने सुलगाई गुस्से की चिंगारी

घटना 26 मई की है। फिरदौस नगर मनीटोला के पास मुख्य आरोपी जावेद अख्तर अपने दोस्त मो. इजाज के साथ बैठा था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान मृतक तनवीर अंसारी अपनी बाइक से वहां से गुजरा। आरोप है कि तनवीर ने जावेद को देखते ही कुछ ऐसा ‘ताना’ मारा जो सीधे उसके दिल पर जाकर लगा।
​दोस्त इजाज ने जलती आग में घी का काम किया और जावेद को उकसा दिया। बस फिर क्या था, गुस्से से तमतमाया जावेद घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही तनवीर दोबारा बाइक घुमाकर वहां से गुजरा, जावेद ने बुलेट मोटरसाइकिल के भारी-भरकम लोहे के ‘लेग गार्ड’ से उसके सिर पर पीछे से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

​जमीन पर गिरने के बाद भी नहीं थमी हैवानियत

लोहे के लेग गार्ड का वार इतना जोरदार था कि तनवीर लहूलुहान होकर बाइक समेत जमीन पर गिर पड़ा। लेकिन जावेद का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। जमीन पर तड़प रहे तनवीर के पैरों पर भी लोहे के पाइप और लेग गार्ड से लगातार प्रहार किए गए। तड़पते हुए तनवीर को आनन-फानन में रिम्स  ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

शुरुआत मारपीट की थी, अंत हत्या से हुआ

​मृतक की पत्नी खतीजा खातून ने शुरुआत में डोरंडा थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी (कांड संख्या 137/2026)। तब पुलिस ने मो. जावेद अख्तर, रिजवान और मो. इजाज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन जैसे ही रिम्स से तनवीर की मौत की खबर आई, यह केस ‘हत्या’ के संगीन मामले में तब्दील हो गया।

पुलिस का एक्शन,दो शिकारी पहुंचे सलाखों के पीछे

​राँची पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी जावेद अख्तर और उसे उकसाने वाले मो. इजाज को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया खूनी हथियार (लोहे का लेग गार्ड) भी बरामद कर लिया है। इस मामले में एक और आरोपी रिजवान की भूमिका की जांच की जा रही है।

इस पूरी वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गुस्से और सोशल स्टिग्मा (सामाजिक बदनामी) का कॉकटेल कितना जानलेवा हो सकता है। माँ के कथित रिश्ते का बदला बेटे ने खूनी खेल खेलकर पूरा किया, जिसका अंजाम सिर्फ बर्बादी रहा।

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