Ranchi: 5 लाख का इनामी झांगुर गिरोह का सरगना रामदेव उरांव ने दो सहयोगियों के साथ किया आत्मसमर्पण…
राँची।झारखण्ड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संगठित अपराधी गिरोह “झांगुर ग्रुप” के प्रमुख एवं 5 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी रामदेव उरांव ने अपने दो सहयोगियों के साथ राँची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के अनुसार, राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का सरगना रामदेव उरांव अपने साथियों के साथ राँची-गुमला सीमा क्षेत्र में घूम रहा है और आत्मसमर्पण की तैयारी में है। सूचना के सत्यापन के बाद राँची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
संयुक्त पुलिस टीम जब बेड़ो थाना क्षेत्र के लमकाना और राँची-गुमला सीमा क्षेत्र में पहुंची तो रामदेव उरांव, प्रसाद उरांव और सुबास उरांव ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताते हुए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। इसके बाद तीनों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस ने बताया कि रामदेव उरांव झांगुर ग्रुप का प्रमुख है और उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूट, अवैध हथियार रखने सहित विभिन्न गंभीर मामलों में करीब 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले अपराधी:
रामदेव उरांव (47 वर्ष), झांगुर ग्रुप का प्रमुख
प्रसाद उरांव (24 वर्ष), सक्रिय सदस्य
सुबास उरांव (23 वर्ष), सक्रिय सदस्य
बरामद हथियार और सामग्री:
एक स्वचालित हथियार
एक स्वचालित एसएलआर राइफल
कुल 45 जिंदा कारतूस
दो मैगजीन
इस कार्रवाई में राँची और गुमला जिला पुलिस के अधिकारियों तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण नीति का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और इससे क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।

