दोस्ती,धोखा और कत्ल! पलामू में पारा शिक्षक की गर्दन काटने वाला कोई और नहीं, जिगरी यार ही निकला…

 

पलामू।झारखण्ड के पलामू से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। छतरपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पारा शिक्षक उदय कुमार सिंह हत्याकांड का पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस दोस्त पर उदय सबसे ज्यादा भरोसा करता था,उसी ने महज चंद हजार रुपयों के विवाद में उदय का गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया।​पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी हत्यारे दोस्त को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज हत्याकांड की परत-दर-परत कहानी सामने रखी।

25 हजार का कर्ज… और ‘खूनी’ बन गया दोस्त!

​पुलिस के मुताबिक, मृतक उदय कुमार सिंह और आरोपी सुरेंद्र यादव दोनों न सिर्फ पक्के दोस्त थे, बल्कि एक ही पेशे (पारा शिक्षक) से जुड़े थे। आरोपी सुरेंद्र यादव दारूदाग के एक स्कूल में पदस्थापित है।

हत्या की असली वजह: उदय ने अपने दोस्त सुरेंद्र को ₹25,000 का कर्ज दिया था। लेकिन कुछ समय बाद उदय उस रकम के बदले ₹50,000 की मांग करने लगा। पैसे के इसी लेन-देन को लेकर दोनों के बीच दरार आ गई।

पहले पिलाई बीयर, फिर बेरहमी से रेता गला

​एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि घटना से एक सप्ताह पहले पैसों के विवाद को लेकर उदय ने सुरेंद्र के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की थी। इस सरेआम बेइज्जती से सुरेंद्र के दिल में नफरत की आग सुलग उठी और उसने उदय को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। घटना वाले दिन उदय कुमार सिंह बाजार से सामान खरीदकर घर लौट रहा था।रास्ते में घात लगाए बैठे सुरेंद्र ने उसे आवाज देकर रोका और दुश्मनी भुलाने का नाटक करते हुए पहले उसे बीयर पिलाई।जैसे ही नशा चढ़ा, सुरेंद्र ने बिना रहम खाए धारदार हथियार से उदय की गर्दन काटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।

​हत्याकांड के बाद इलाके में फैले आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने और आरोपी को दबोचने में इन पुलिस अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही:
​प्रशांत प्रसाद (एसडीपीओ)
​द्वारिका राम (इंस्पेक्टर)
​सौरभ चौबे (छतरपुर थाना प्रभारी)
​राहुल कुमार (सब इंस्पेक्टर)

सड़क पर उतरा था जनता का आक्रोश

​गौरतलब है कि इस निर्मम हत्याकांड के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। उग्र ग्रामीणों ने छतरपुर में रोड जाम कर जमकर हंगामा किया था। जनता की मांग थी कि हत्यारे को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। पुलिस की इस त्वरित कामयाबी के बाद अब ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी है।

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