भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत:बस ड्राइवर यात्रियों की बात मान लेता तो बच सकती थी 13 जिंदगियां…चार बार अनियंत्रित हुई थी बस…
कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में कोढ़ा थाना क्षेत्र के बासघरा स्थित नेशनल हाईवे-31 पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। बस और पिकअप वैन की सीधी टक्कर इतनी भयावह थी कि 13 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूर्णिया जिले के कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। सबसे मार्मिक बात यह है कि इस हादसे में अधिकांश मृतक महिलाएं हैं। वे महिलाएं जो अपने परिवार की रीढ़ थीं, जिनके सहारे घर-आंगन चलता था। इन मौतों के बाद से मातम पसरा हुआ है।पूर्णिया से भागलपुर जा रही बस गेड़ाबाड़ी के जैसे ही खुली कि डेढ़ किमी दूर बसगढ़ा के समीप पहुंचते-पहुंचते चार बार अनियंत्रित हुआ। इस दौरान सवार यात्रियों ने कई बार बस चालक को संभलकर चलाने के लिए कहा। मगर समय का हवाला देते हुए खलासी के कहने पर ड्राइवर ने गाड़ी की गति को और भी तेज कर दिया। नतीजा एक साथ चार जगहों पर बस टकरायी मगर कोई हताहत नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आखिरकार एनएच 31 पर शनिवार देर शाम 6.30 बजे के करीब बांसगढ़ा के समीप झारखण्ड के साहिबगंज जिले के पचकठिया मेला धाम करके लौट रहे पिकअप को धक्का मारते हुए पोल से टकरा गयी। इस दौरान कोढ़ा थानाक्षेत्र के नजरा चौकी गांव (कटिहार) से महादेवपुर टोला बड़हड़ा कोठी (पूर्णिया) जा रहे बाइक सवार सदानंद मुर्मू उर्फ राजेश (40) पिकअप की चपेट में आ गए। इस दौरान उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गयी।
एनएच 31 पर सड़क हादसे के बाद दो किमी तक जाम लगा रहा। पूर्णिया-भागलपुर के बीच गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से थम गया। हालांकि थानाध्यक्ष सुजीत कुमार की तत्परता के बाद स्थानीय स्तर पर जाम को हटवाया गया।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोढ़ा ले जाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
बांसगढ़ा के पास हुए सड़क हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। चीख पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने फौरन पिकअप से जमीन पर गिरी पिकअप सवार महिलाओं को उठाने में जुट गया तो वहीं बस सवार लोगों को आसपास की सारी खिड़कियों को तोड़कर निकालना शुरू किया। इस बीच कोढ़ा पुलिस को सूचना दी गयी। फौरन मृतक और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोढ़ा लाया गया।सड़क हादसे की सूचना मिलते ही डीएम-एसपी ने तत्काल एसडीओ और एसडीपीओ टू व यातायात डीएसपी को घटना स्थल पर भेजा। भीड़ और लोगों के आक्रोश को देखते हुए घटना स्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की तैनाती की गयी। एसडीपीओ टू और यातायात डीएसपी व ग्रामीणों के समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।आज सभी शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इस हादसे में अब तक 10 लोगों की पहचान हो सकी है। बाकी मृतकों की पहचान के लिए पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। चारों तरफ अफरा-तफरी का महौल कायम है।
राधिका हांसदा (19),
तेलमी देवी (40),
पप्पू हांसदा
तलपू सोरेन
पशु देवी (सभी सुहुआ, थाना रानीपतरा, पूर्णिया के रहने वाले हैं)
ताला मुनी (कुर्सेल, डगरूवा, पूर्णिया)
दुर्गा वासकी (60, माणीपुर डोरिया, डगरूआ, पूर्णिया)
तल्लू सोरेन (60, धरमगंज)
चिंतामणि महतो (35, मझुआ)
सदानंद हांसदा (बरहरा कोठी)

