कुकड़ू गोलीकांड: शहादत को सलाम, पांच वीर जवानों की याद में झुका पूरा थाना परिसर
–-7 साल बाद भी जिंदा है बलिदान की गूंज, तिरुलडीह थाना में शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
चांडिल।झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना परिसर में शनिवार को भावुक माहौल के बीच कुकड़ू गोलीकांड के शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वर्ष 2019 में नक्सली हमले में शहीद हुए पांच जवानों की स्मृति में आयोजित शहादत दिवस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया कार्यक्रम के दौरान शहीदों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पूरे थाना परिसर में श्रद्धा, सम्मान और गर्व का माहौल देखने को मिला। उपस्थित पुलिसकर्मियों ने कहा कि मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
तिरुलडीह थाना प्रभारी कौशल कुमार ने कहा कि कुकड़ू गोलीकांड में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस बल के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की कायराना हरकत पुलिस का मनोबल तोड़ने में कभी सफल नहीं हुई, बल्कि इससे जवानों का हौसला और मजबूत हुआ है।उन्होंने कहा कि पुलिस बल शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
गौरतलब है कि 14 जून 2019 को कुकड़ू के साप्ताहिक हाट बाजार में गश्त कर रहे तिरुलडीह थाना के पुलिसकर्मियों पर हार्डकोर नक्सली महाराज प्रमाणिक के दस्ते ने घात लगाकर हमला कर दिया था। अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में दो एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। हमले के बाद नक्सली जवानों के हथियार लूटकर मौके से फरार हो गए थे।
इस घटना ने न केवल पूरे झारखण्ड को झकझोर दिया था, बल्कि इसे राज्य के सबसे चर्चित नक्सली हमलों में भी गिना जाता है।
शहादत दिवस के अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने संकल्प लिया कि शहीदों के बलिदान को हमेशा स्मरण रखा जाएगा। साथ ही उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ किया जाएगा।

