शराब घोटाला:पूछताछ में योगेंद्र तिवारी ने ईडी के समक्ष किया स्वीकर,अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकानों में होता था शराब का अवैध भंडारण, ताकि पकड़ में ना आए…

 

–जामताड़ा जिले में होता था सबसे अधिक ऐसा धंधा, तिवारी अवैध शराब की बिक्री के लिए दिलाता था अपने लोगो को शराब दुकान की अनुज्ञप्ति, अवैध भंडारण के सबसे अधिक मामले जामताड़ा में हुए है दर्ज

राँची।शराब घोटला सहित जमीन व बालू के अवैध धंधे में संलिप्त गिरफ्तार योगेंद्र तिवारी ईडी की पूछताछ में लगातार कई अहम खुलासे कर रहा है। उसने ईडी को पूछताछ में बताया है कि वह शराब के अवैध भंडारण में संलिप्त था। सबसे अधिक अवैध रूप से शराब का स्टॉक जामताड़ा जिले में वह किया करता था। जिसकी अवैध रूप से बिक्री होती थी। अवैध रूप से शराब का स्टॉक वह अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकानों में ही करता था ताकि उत्पाद विभाग व पुलिस की पकड़ में नहीं आए कि वहां भी अवैध रूप से शराब का अवैध स्टॉक हो सकता है। अवैध शराब के भंडारण मामले में जामताड़ा जिले में अलग अलग 10 थानों में मामले दर्ज है। इसमें जामताड़ा जिले के बाग डेहरी थाना, कुंडाहीट, नाला, बिंदापाथर, करमटांड, फतेहपुर और नारायणपुर थाना शामिल है। इन सभी में वह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल था। इस अवैध धंधे से उसने अकूत संपत्ति बनाई। योगेद्र तिवारी से ईडी लगातार पूछताछ कर रहा है। पहले उससे आठ दिन तक पूछताछ हुई। इसके बाद उससे फिर छह दिन की पूछताछ के लिए ईडी की विशेष कोर्ट ने अनुमति दी है। ईडी ने कोर्ट को बताया है कि तिवारी को अवैध शराब, जमीन व बालू के धंधे में कई नेताओं और अफसर का सहयोग मिलता रहा है। जिसके बारे में पूछताछ करना बहुत जरूरी है।

अनुज्ञप्ति की समाप्ति के बाद भी चलती रही दुकाने, अवैध स्टॉक की होती रही बिक्री

योगेंद्र तिवारी ने ईडी को यह भी जानकारी दी है कि वह शराब का अवैध स्टॉक अनुज्ञप्ति प्राप्त शराब दुकानों में इसलिए करता था कि ताकि उनकी अनुज्ञप्ति समाप्त भी हो जाए तो उसका अवैध कारोबार चलता रहे। उसके कई ऐसी दुकानों को पकड़ा गया था जिसकी अनुज्ञप्ति समाप्त होने के बाद भी दुकान चालू था वहां से शराब की बिक्री जारी थी। यहीं नहीं स्टॉक पंजी में भी गड़बड़ी की जाती थी। क्योंकि स्टॉक पंजी की सही तरीके से जांच नहीं होती थी।

तिवारी अपने लोगो को दिलाता था अवैध शराब की बिक्री के लिए शराब दुकान की अनुज्ञप्ति

तिवारी ने ईडी के समक्ष यह भी स्वीकार किया है कि वह अवैध रूप से शराब का कारोबार करने के लिए जामताड़ा जिले में अपने लोगो को शराब दुकान की अनुज्ञप्ति दिलाता था। ताकि किसी को उसके अवैध कारोबार की भनक नहीं लगे। लेकिन उसके कई दुकानों में छापेमारी हुई और मामला पकड़ा भी गया। प्राथमिकियां भी दर्ज हुई लेकिन योगेंद्र तिवारी पर कोई आंच तक नहीं आई। क्योंकि पूरा शराब सिंडिकेट जेल में बंद प्रेम प्रकाश के साथ मिलकर वही चला रहा था।