झारखण्ड में तीन साल में एसटी/एससी के 3387 मामले आए,राँची में तीन साल में 351 मामले हुए दर्ज..

 

–तीन साल में राज्य भर में एसटी/एससी के 3387 मामले आए सामने, पिछले साल सबसे अधिक मामले हुए थानों में दर्ज

–दर्ज मामलों का अनुसंधान अबतक करते है सिर्फ डीएसपी स्तर के अधिकारी इसलिए न्याय मिलने में भी हो रही है देर

राँची।झारखण्ड आदिवासी बहुल राज्य है। इसके बाद भी राज्य में हर साल आदिवासियों के विरुद्ध अपराध बढ़ते जा रहे है। पिछले तीन साल के आंकड़ों को देखे तो सिर्फ राँची जिले में 351 अपराध एसटी/एससी के विरुद्ध हुए है। वहीं राज्यभर में पिछले तीन साल में 3387 मामले एसटी/एससी के विरुद्ध सामने आए। एसटी/एससी के विरुद्ध सबसे अधिक अपराध हर साल राँची जिले में हो रहे है। 2021 में राँची में 130 और राज्य भर में 958, वर्ष 2022 में राँची में 111 व राज्य में 1496 और 2023 में सितंबर तक राँची में 110 व राज्य भर में 933 अपराध एसटी/एससी के विरुद्ध हुए है। ये चिंता का विषय है कि आदिवासी बहुल राज्य होने के बाद भी आदिवासियों के विरुद्ध अपराध बढ़ रहे है।

न्याय मिलने में भी हो रही है देर, क्योंकि अनुसंधान पदाधिकारियों की संख्या कम

आदिवासियों के विरुद्ध हो रहे अपराध के मामले में उन्हें न्याय भी जल्द नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि एसटी/एससी मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी अभी तक डीएसपी स्तर के अधिकारियों को ही है। हालांकि हाल में ही इसमें संशोधन किया गया है कि अब एसटी/एससी मामले में अनुसंधान पदाधिकारी इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी हो सकते है। राज्य में डीएसपी स्तर के पदाधिकारी की संख्या कम होने की वजह से एसटी/एससी के मामले में अनुसंधान में भी देरी होती है। क्योंकि डीएसपी स्तर के अधिकारियों पर इनके अलावा अन्य मामलों के सुपरविजन का दायित्व भी होता है। इस वजह से एसटी/एससी के मामले लंबे अवधि तक लंबित रह जाते है।

एससी/एसटी के विरुद्ध अपराध (जनवरी से सितंबर 2023तक)

माह राँची में दर्ज राज्य में दर्ज
जनवरी 04 130
फरवरी 08 111
मार्च 07 119
अप्रैल 10 83
मई 13 134
जून 09 99
जुलाई 26 97
अगस्त 08 78
सितंबर 25 82
कुल 110 933

पिछले साल देवघर जिले में सिर्फ चार महीने में 274 मामले आए सामने

एसटी/एससी के विरुद्ध वर्ष 2022 में देवघर जिले में सिर्फ चार महीने में 274 मामले सामने आए। देवघर जिले में सितंबर में 81, अक्टूबर में 78, नवंबर में 63 और दिसंबर महीने में 52 मामले सामने आए। जो कि पिछले तीन माह में सबसे अधिक है।