अवैध बालू की दौड़ ने छीन ली किशोर की जिंदगी, ट्रॉली के नीचे दबकर 17 वर्षीय चालक की मौत
हजारीबाग। जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में रविवार को अवैध बालू परिवहन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन और नाबालिगों से वाहन चलवाने की खतरनाक हकीकत को उजागर कर दिया। तेज रफ्तार से बालू लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसकी चपेट में आकर 17 वर्षीय चालक अनिल भोक्ता की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगहर स्थित ढाढ़र नदी से बालू लादकर ट्रैक्टर बसरिया की ओर जा रहा था। पत्थलकुदवा के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। स्थिति बिगड़ती देख चालक अनिल भोक्ता ने ट्रैक्टर से छलांग लगाकर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। ट्रैक्टर की भारी ट्रॉली पलटकर सीधे उसके ऊपर जा गिरी और वह बालू के नीचे दब गया।सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बरही भेजा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि चौपारण क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। आरोप है कि अधिकांश ट्रैक्टरों पर नाबालिग या कम उम्र के लड़कों को चालक बनाकर लगाया जाता है। न उनके पास लाइसेंस होता है और न ही भारी वाहन चलाने का अनुभव। कम मजदूरी के लालच में बच्चों को जोखिम भरे काम में झोंक दिया जाता है।
कमारबासा और बसरिया के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में दिन-रात अवैध बालू खनन और परिवहन जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों वाले वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध बालू कारोबार पर अंकुश लगाया गया होता, तो एक परिवार का जवान बेटा आज जिंदा होता।
अब सवालों के घेरे में सिस्टम:
हादसे के बाद पुलिस ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन लोगों के मन में कई सवाल हैं—
नाबालिग को ट्रैक्टर चलाने की अनुमति किसने दी?
अवैध बालू परिवहन पर रोक क्यों नहीं लग पाई?
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस मौत का जिम्मेदार कौन— ट्रैक्टर मालिक, बालू माफिया या निगरानी तंत्र?
अनिल भोक्ता की मौत सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि अवैध कारोबार, लापरवाही और कमजोर निगरानी व्यवस्था की उस कीमत की कहानी है, जिसे एक गरीब परिवार अपने बेटे को खोकर चुका रहा है।

