कोयलांचल की खदानों में चल रहा था ‘इश्क का अंडरग्राउंड ऑपरेशन’, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में किया ‘द एंड’
धनबाद।कहते हैं इश्क और जंग में सब जायज है, लेकिन धनबाद के इस प्रेमी जोड़े ने ‘जंग’ सीधे कानून से ही लड़ ली। बॉलीवुड की किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की तरह, इस बार मोहब्बत का ठिकाना कोई आलीशान घर या रिश्तेदारों का आंगन नहीं, बल्कि बासुदेवपुर कोलियरी की वो डरावनी और अंधेरी खदानें थीं, जहां जाने से अच्छे-अच्छलों के पैर कांप जाएं।लेकिन अफसोस, छह कड़ियों की इस ‘लव-सीरीज’ का क्लाइमेक्स भी पुलिस के ही नाम रहा।
रिश्तेदारों का घर हुआ ‘आउट ऑफ सिलेबस’, तो चुनी खदान की गहराई
यह इस आशिक जोड़े का पहला दुस्साहस नहीं था। मैडम इससे पहले भी पांच बार अपने दिलरुबा के साथ घर से ‘नौ दो ग्यारह’ हो चुकी थीं। पुरानी पिचों पर खेलते हुए प्रेमी हर बार उसे अपने किसी रिश्तेदार के घर छिपा देता था और खुद शरीफ बनकर अपने घर लौट आता था ताकि खाकी को भनक न लगे।लेकिन धनबाद पुलिस भी ‘सिंघम’ निकली। चार बार पुलिस ने रिश्तेदारों के घरों पर रेड मारकर ‘लापता’ प्रेमिका को बरामद किया और घर पहुंचाया। जब रिश्तेदारों के सेफ हाउस एक्सपोज हो गए, तो दोनों ने इस बार ‘मिशन इम्पॉसिबल’ की स्क्रिप्ट लिखी।इस बार न कोई मौसी का घर होगा, न बुआ का। इस बार ठिकाना बनेगी बासुदेवपुर कोलियरी परियोजना की वो गहरी काली खदानें, जहां दिन में भी रात का एहसास होता है।
अंधेरे में ‘केटरिंग सर्विस’ और पुलिस का ‘थर्ड गियर‘
पिछले दो दिनों से कोयलांचल की धूल और सन्नाटे के बीच इश्क का एक अनोखा सर्वाइवल गेम चल रहा था। प्रेमिका खदान के खौफनाक अंधेरे में छिपकर बैठी थी, और प्रेमी ‘सीक्रेट एजेंट’ की तरह उस तक खाना और पानी पहुंचा रहा था। योजना सिंपल थी-जैसे ही पुलिस की तफ्तीश ठंडी पड़ेगी, दोनों शहर छोड़कर रफूचक्कर हो जाएंगे।लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब लड़की की मां ने लोयाबाद थाने में शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस ने बिना वक्त गंवाए ‘यूजुअल सस्पेक्ट’ (प्रेमी) को उठाया। पहले तो उसने कड़क मिजाज दिखाया, लेकिन जब पुलिस ने अपने ‘फिल्मी अंदाज’ में सख्ती बरती, तो आशिक का हौसला टूट गया। उसने उगल दिया कि उसकी ‘लैला’ किसी महल में नहीं, बल्कि जमीन के नीचे कोयले के काले साम्राज्य में बैठी उसका इंतजार कर रही है।
अब कभी न भागने की कसम
लोयाबाद पुलिस ने तुरंत बासुदेवपुर कोलियरी में सर्च ऑपरेशन चलाया। टॉर्च की रोशनी और खाकी की धमक ने खदान के अंधेरे को चीर दिया और दो दिन से भूखी-प्यासी बैठी प्रेमिका को सकुशल बरामद कर लिया गया। थाने पहुंचकर जब दोनों का ‘सिक्सथ अटेंप्ट’ (छठा प्रयास) भी फेल हो गया, तो आखिरकार दोनों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस के सामने कान पकड़कर दोनों ने लिखित और मौखिक आश्वासन दिया है कि—”साहब! अब बहुत हुआ, आगे से कभी घर से भागने की गलती नहीं करेंगे।”फिलहाल, कोयलांचल में इस ‘अंडरग्राउंड लव स्टोरी’ के चर्चे हर नुक्कड़ पर हैं।

