समाजसेवा का नकाब, पीछे नशीला कारोबार: 30 लाख की ब्राउन शुगर संग बाप गिरफ्तार, बेटा पहले से रिमांड पर

​धनबाद/आसनसोल।आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए कुमारधुबी के रहमतनगर निवासी मोहम्मद मुख्तार को 300 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दबोच लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त ब्राउन शुगर की कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को आसनसोल बस स्टैंड स्थित डुरंड सिनेमा हॉल के पास घेराबंदी कर पकड़ा, जहां से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बाप-बेटे का फैला नशीला सिंडिकेट

​यह गिरफ्तारी सिर्फ एक तस्कर का पकड़ा जाना नहीं, बल्कि एक बड़े पारिवारिक नशा सिंडिकेट का पर्दाफाश है। तीन दिन पूर्व (31 अगस्त की रात) डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने मुख्तार के बेटे मोहम्मद दानिश और उसके सहयोगी शेख हुसैन को अर्टिगा कार से 600 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी फिलहाल सात दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं। बेटे के जेल जाने के तुरंत बाद पिता का भी लाखों की ब्राउन शुगर के साथ धराया जाना यह साबित करता है कि यह गिरोह क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था।

समाजसेवा की आड़ में ‘सफेदपोश’ धंधा

​मुख्तार की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही शिवलीबाड़ी और रहमतनगर इलाके में हड़कंप मच गया। महज दो दिन पहले ही मुख्तार ने इलाके में बाकायदा एक दफ्तर खोलकर खुद को समाजसेवक घोषित किया था। वह अपने पैसों से नाली निर्माण जैसे कार्य करवाकर लोगों के बीच पैठ बना रहा था। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह कैसी समाजसेवा है, जिसका खर्च ब्राउन शुगर की तस्करी के पैसों से उठाया जा रहा था?

निरसा अनुमंडल बना तस्करी का मुख्य अड्डा

​हालिया पुलिसिया कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र ब्राउन शुगर तस्करी का बड़ा गढ़ बन चुका है। इससे पहले 19 अगस्त को सलानपुर पुलिस ने चिरकुंडा क्षेत्र के अमित कुमार साव और उसके साथी को 500 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दबोचा था। केवल तीन छापों में ही पुलिस अब तक लगभग 1.4 किलोग्राम (1400 ग्राम) ब्राउन शुगर जब्त कर चुकी है, जिसकी कुल कीमत करोड़ों में है। खास बात यह है कि हर मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी चिरकुंडा और कुमारधुबी क्षेत्र से ही जुड़े हैं।

अंतरराज्यीय समन्वय से ही टूटेगी ड्रग्स की कमर

​तस्करी का यह नेटवर्क कितना गहरा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खोखन साव, मो शाहरुख, नसिरुल्लाह उर्फ धन्नू और मो कैफ जैसे पुराने आरोपी हाल ही में जमानत पर बाहर आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की नई खेप पहुंचने वाली है। इस जहर को जड़ से खत्म करने के लिए निरसा अनुमंडल पुलिस और आसनसोल पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त कार्रवाई की सख्त जरूरत है।

error: Content is protected !!