तालाब की जियो टैगिंग के लिए मांगी रिश्वत, 6 हजार रुपये लेते मनरेगा BPO हरीश प्रजापति को ACB ने रंगेहाथ दबोचा
गुमला।जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। राँची ACB की टीम ने पालकोट प्रखंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के BPO हरीश प्रजापति को ₹6 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, पालकोट प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजना के तहत तालाब निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। इसी योजना से जुड़े लाभुक से तालाब की जियो टैगिंग करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत मांगे जाने से परेशान लाभुक ने मामले की शिकायत ACB से कर दी।शिकायत मिलने के बाद ACB ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी BPO को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।इसके बाद तय योजना के तहत लाभुक को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही BPO हरीश प्रजापति ने ₹6 हजार की रिश्वत की रकम ली, पहले से घात लगाए ACB की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
ACB की इस अचानक कार्रवाई से पालकोट प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। सरकारी कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को जब कार्रवाई की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया।
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम आरोपी BPO को अपने साथ राँची ले गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर मनरेगा जैसी ग्रामीण विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, ACB की लगातार कार्रवाई से रिश्वतखोरी में लिप्त सरकारी कर्मियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति है।

