साइबर अपराध:पलक झपकते ही खाली हो जा रहा है अकाउंट…तीन लोगों से लाखों रुपये की ठगी….

१.सिम गायब, सिस्टम ठप: ‘यूपीआई लाइट’ से 6.20 लाख पार, 70 साल के बुजुर्ग को बना दिया निशाना

राँची।राँची में साइबर ठगी का एक और खतरनाक चेहरा सामने आया है, जहां मोबाइल सिम गुम होने के बाद ठगों ने ‘यूपीआई लाइट’ के जरिए 70 वर्षीय बुजुर्ग के खाते से 6,20,550 रुपये पार कर दिए। डीपाटोली निवासी कमलेश्वरी मेहता को इसका अंदाजा तब हुआ, जब खाते से लगातार निकासी होने लगी। जानकारी के अनुसार, 21 मार्च 2026 को उनका मोबाइल और सिम गुम हो गया था। इसी दौरान ठगों ने उस नंबर पर नियंत्रण हासिल कर लिया और बिना किसी बाधा के बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बना ली। इसके बाद ‘यूपीआई लाइट’ सुविधा चालू कर छोटे-छोटे लेनदेन के जरिए 5 अप्रैल तक पूरी रकम निकाल ली गई। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने ऐसी प्रणाली का इस्तेमाल किया, जिसमें बार-बार ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे पीड़ित को समय रहते भनक तक नहीं लगी। घटना सामने आने के बाद साइबर थाना राँची में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 

२.ई-सिम के नाम पर साइबर वार: राँची के युवक के खाते से 1.13 लाख उड़ाए

राजधानी राँची में ई-सिम के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पिठौरिया थाना क्षेत्र के चौबे खटंगा निवासी मनोज कुमार (34) के बैंक खाते से 1,13,503 रुपये अवैध रूप से निकाल लिए गए। इस संबंध में साइबर थाना राँची में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर संदेश मिला, जिसमें कहा गया कि उनका बैंक खाता बंद होने वाला है और उनका सिम ई-सिम में बदल दिया गया है। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन इसके बाद दूसरे नंबर से बार-बार कॉल आने लगे, जो उठाते ही कट जाते थे। अचानक उनका मोबाइल नेटवर्क बंद हो गया, जिससे वे फोन का उपयोग नहीं कर सके। अगले दिन शाम नेटवर्क वापस आने पर बैंक से पैसे कटने के संदेश मिले। जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से कुल 1,13,503 रुपये निकाल लिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ठगों ने ई-सिम सक्रिय कर मोबाइल नंबर पर नियंत्रण हासिल किया और इसी के जरिए बैंक खाते से पैसे उड़ा लिए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना का अहसास होते ही पीड़ित ने बैंक ऑफ बड़ौदा के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर भी सूचना दी।

३.फोन खुद चला… और खाते से उड़ गए 1.90 लाख: राँची में ‘रिमोट कंट्रोल’ ठगी का खुलासा

 

राजधानी राँची  में साइबर ठगी का एक बेहद खतरनाक तरीका सामने आया है, जहां अपराधियों ने मोबाइल को ही ‘रिमोट कंट्रोल’ बनाकर खाते से 1.90 लाख रुपये उड़ा लिए। लोअर बाजार क्षेत्र के गोस्सनर कम्पाउंड निवासी जेकब लकड़ा (32) इसके शिकार बने हैं। इस मामले में साइबर थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित के अनुसार, 3 और 4 अप्रैल को उनके खाते से दो बार में 95-95 हजार रुपये की निकासी हुई। पहली बार उन्हें जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन 4 अप्रैल को अचानक उनका मोबाइल अजीब तरह से व्यवहार करने लगा। स्क्रीन की रोशनी धीमी हो गई और फोन अपने आप चलने लगा। जेकब के मुताबिक, मोबाइल में भुगतान से जुड़ा एप अपने आप खुल रहा था और लेनदेन हो रहा था। घबराकर जब उन्होंने बैलेंस चेक किया तो खाते से कुल 1.90 लाख रुपये गायब थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने किसी को भी ओटीपी साझा नहीं किया था।

 

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