छह अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार,मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर हुई कार्रवाई…

 

भुवनेश्वर/राँची। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना के आधार पर ओड़िशा पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन के तहत भुवनेश्वर में गुप्त अभियान चलाकर छह बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सभी महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रही थीं। वे लंबे समय से भुवनेश्वर और ओड़िशा के अन्य क्षेत्रों में छिपकर रह रही थीं।जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इन महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भारतीय नामों का सहारा लिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। यह मामला सिर्फ अवैध प्रवास का ही नहीं, बल्कि पहचान छिपाने और दस्तावेजों के दुरुपयोग का भी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन महिलाओं के पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। ये सभी महिलाएं भारतीय नामों पर बने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही थीं, जिससे वे स्थानीय प्रशासन और आम लोगों की नजरों से बची रहीं।फर्जी पहचान के जरिए वे न केवल यहां रह रही थीं, बल्कि विभिन्न गतिविधियों में भी शामिल थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ये महिलाएं केवल अवैध रूप से रहने तक सीमित नहीं थीं।जांच में यह संकेत मिला है कि वे कुछ अवैध और संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल हो सकती हैं। हालांकि, इन गतिविधियों का पूरा खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो नहीं है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब इनके नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि ये महिलाएं भारत में कैसे दाखिल हुईं, किसने उनकी मदद की और वे किन-किन लोगों के संपर्क में थीं।जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अन्य संभावित ठिकानों और संदिग्ध लोगों पर भी नजर रख रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इस मामले में बड़ागढ़ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है।पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।गिरफ्तार महिलाओं को जल्द ही राज्य के डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।

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