राँची में सेना में भर्ती के नाम पर महाठगी: 50 लाख से अधिक डकारे, लेह-लद्दाख तक ले जाकर रची जालसाजी..फर्जी सेना अधिकारी गिरफ्तार..अन्य की तलाश जारी..
राँची।राजधानी राँची में सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस की विशेष सूचना पर राँची पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जालसाजों ने खुद को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस का अधिकारी और रेलवे के बड़े अफसरों का पीए बताकर बेरोजगार युवाओं से करीब 45 से 50 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। गिरोह की दुस्साहस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए लेह-लद्दाख और दिल्ली स्थित सैन्य कार्यालयों तक ले गए।वहीं,लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर राँची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर चुटिया थाना की पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविंद प्रसाद को राँची रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया है। इस पूरे गिरोह का खुलासा चुटिया थाने में दर्ज प्राथमिकी और आरोपी अरविंद प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद हुई है। 
फर्जी आर्मी ऑफिसर,अरविंद
ऐसे शुरू हुआ ठगी का ‘मायाजाल’
ठगी के शिकार पीड़ित मुन्ना कुमार (छपरा, बिहार) ने बताया कि आरोपी अरविंद प्रसाद ने खुद को सेना का अधिकारी बताकर दोस्ती की। वह अक्सर राँची स्टेशन के मूवमेंट कंट्रोल ऑफिस के पास वर्दी में मिलता था और अपना आईडेंटिटी कार्ड भी दिखाता था। उसने मुन्ना को सेना में भर्ती कराने के लिए 6 लाख रुपये की मांग की। बाद में अरविंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुन्ना के पांच अन्य दोस्तों (अवधेश, विवेक, राकेश, सूरज और विजेन्द्र) को भी इसी जाल में फंसाया।
फर्जी आर्मी ऑफिसर अरविंद
लेह से दिल्ली तक की फर्जी जॉइनिंग का नाटक
जालसाजों ने युवाओं को पूरी तरह झांसे में लेने के लिए एक फिल्मी स्क्रिप्ट रची। आरोपियों ने युवाओं को दिल्ली और लेह के सैन्य दफ्तरों के बाहर ले जाकर इंतजार करवाया ताकि उन्हें भरोसा हो सके कि प्रक्रिया ‘सरकारी’ है। जब दबाव बढ़ा, तो आरोपियों ने डाक और मोबाइल के जरिए फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजे। जब विवेक रंजन और विजेन्द्र पंडित दिल्ली स्थित आर्मी हेडक्वार्टर जॉइन करने पहुंचे, तो वहां पता चला कि उनके पत्र पूरी तरह फर्जी हैं।

फर्जी आई कार्ड
खुलासा: गिरोह का ‘सिंडिकेट’ मॉडल
-यह ठगी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट है।
-अरविंद प्रसाद: मुख्य सूत्रधार, जो आर्मी अफसर बनकर युवाओं को फांसता था।
-संतोष कुमार सिंह: खुद को रेलवे DRM का PA बताकर सरकारी रसूख का दिखावा करता था।
-संजय, प्रमोद और अमृत: दिल्ली में सक्रिय सदस्य, जो MES अधिकारी बनकर फर्जीवाड़ा पुख्ता करते थे।
-पेमेंट का तरीका: 35 लाख रुपये फोन-पे और विभिन्न बैंक खातों के जरिए लिए गए, जबकि 10 लाख रुपये कैश लिए गए।
स्टेशन पर ही दबोचा गया सरगना
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित मुन्ना कुमार ने हार नहीं मानी। शुक्रवार को उसने राँची रेलवे स्टेशन के पास आरोपी अरविंद को फिर से एमसीओ ऑफिस के पास घात लगाकर देखा। मुन्ना ने तुरंत पुलिस की मदद ली और आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।वहीं पुलिस की माने तो गिरोह ने एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की है।आगे की कार्रवाई जारी है।
इधर आज इस मामले में राँची के सिटी एसपी और सिटी डीएसपी ने प्रेसवार्ता कर आरोपी की गिरफ्तारी के सम्बंध में जानकारी दी है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस की विशेष सुचना पर मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रॉची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक, नगर, रॉची के द्वारा त्वरित कार्रवाई करने हेतु पुलिस उपाधीक्षक, नगर, रॉची के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। तत्पश्चात लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और चुटिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आर्मी, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) विभागों में नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से करीब 70 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य अरविंद प्रसाद, पिता राजेंद्र प्रसाद, पता छोटा सासाराम, आरा, (बिहार) वर्तमान पता शारदा कॉलोनी, वाटर पॉइंट, चुटिया, राँची को गिरफ्तार किया गया है। छापामारी के कम में उनके पास से आर्मी बहाली से संबंधित कई महत्वपूर्ण फर्जी दस्तावेज को बरामद किया गया है, जिसके आलोक में वादी मुन्ना कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर कुल-07 नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध चुटिया थाना कांड सं0-45/2026, दिनांक-10.04.2026, धारा-316 (2)/318(4)/338/336(2)/340(2)/61/111(3)/111 (4) भा०न्या०सं० दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम-पताः-
1.अरविंद प्रसाद, पिता राजेंद्र प्रसाद, पता छोटा सासाराम, आरा, (बिहार) वर्तमान पता शारदा कॉलोनी, वाटर पॉइंट, चुटिया, राँची, झारखण्ड।
बरामद एवं जप्त सामान की विवरणीः-
1.स्टांप एवं पैड- Dr. Ramesh Mahaseth MBBS Physician medical Officer, Reg No-73305 लिखा हुआ है।
2.आई०डी० कार्ड- DELHI Crime का एक फर्जी आई०कार्ड जिसपर Arvind Prasad लिखा हुआ।
3.कैंटिन स्मार्ट कार्ड-03,
4.MES का फर्जी आई०कार्ड-02,
5.HCL Enterprises का एक फर्जी आई० कार्ड,
6.आधार कार्ड-04, पैन कार्ड-01, वोटर आई० कार्ड, ड्राईविंग लाईशेंस, सीम कार्ड-2, ट्रेंनिंग बुकलेट-01, एग्रिमेंट पेपर, ज्वाईनिंग एवं पोस्टिंग इनफॉरमेंशन से संबंधित एक लेटर,
7.5th Youth Games All India National Championship-2024 का अलग-अलग नाम से 05 फर्जी सर्टिफिकेट।
8.मन्नु ठाकुर का MES CWE रॉची का फर्जी ज्वाईंनिंग लेटर एवं अन्य का फर्जी दस्तावेज।
छापामारी दल के सदस्यः-
1.के०वी० रमण, वरीय पुलिस उपाधीक्षक, नगर, रॉची,
2.पुनम कुजूर, पु०नि० सह थाना प्रभारी चुटिया थाना एवं चुटिया थाना के पदाधिकारी तथा सशस्त्र बल।

