फर्जी केवाईसी से आईफोन लोन ठगी का खुलासा,दो ठग राँची पुलिस के हत्थे चढ़ा..कई राज्यों में फैला नेटवर्क..

–एक ही शख्स ने अलग-अलग पते और दस्तावेजों से उठाए कई लोन; 16.33 लाख की ठगी का खुलासा, बजाज फाइनेंस की शिकायत पर केस

राँची। फर्जी केवाईसी और बदलते पते के सहारे महंगे मोबाइल फोन पर लोन लेकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा राँची में हुआ है। बजाज फाइनेंस के एरिया मैनेजर वैभव कुमार सिंह की शिकायत पर चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामले के अनुसार 8 अप्रैल को सुजाता चौक स्थित एक मोबाइल स्टोर में विकास कुमार नामक युवक अपने सहयोगी के साथ ₹82,900 का आईफोन खरीदने के लिए लोन लेने पहुंचा। संदेह होने पर दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद 10 अप्रैल को दोबारा बुलाकर उसे फर्जी कागजात के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया गया और पुलिस को सूचना दी गई।

चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर

चुटिया थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पूनम कुजूर ने बताया कि मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।बताया कि इसी व्यक्ति ने 4 अप्रैल को देवघर में ₹59,900 का मोबाइल लोन पहले ही ले रखा था। दोनों मामलों में आधार के अंतिम चार अंक समान पाए गए, लेकिन पते अलग-अलग दर्ज थे। सिस्टम में मिलान करने पर सामने आया कि आरोपी ने दिल्ली, भागलपुर और झारखण्ड के विभिन्न जिलों में अलग-अलग पते और पहचान के आधार पर कई लोन लिए हैं। कंपनी की आंतरिक जांच में इस तरह के कुल कई केस सामने आए, जिनमें एक ही पैटर्न से लोन उठाया गया।

बताया कि अनुलग्नक के अनुसार कुल ठगी की राशि करीब ₹16,33,605 आंकी गई है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो फर्जी दस्तावेज और डिजिटल केवाईसी का दुरुपयोग कर रहा है।

पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सक्रिय होकर कंपनियों को चूना लगा रहा था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी ली गई है।जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है।दोनो आरोपी राकेश कुमार और विकास कुमार को जेल भेज दिया गया है।

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