Ranchi:संदिग्ध हालात में नाबालिग का शव पहुंचने से गांव में मचा हड़कम्प…लड़की के शरीर पर कई गहरे जख्म के निशान देख ग्रामीण भड़के…बुढ़मू से कांके तक सनसनी…
राँची।जिले के बुढ़मू इलाके उमेडंडा पार पोखर के ग्रामीण उस समय सन्न रह गए, जब कांके थाना क्षेत्र के चेड़ी मनातू में रहने वाली महिला सुषमा कुमारी शनिवार दोपहर एक संदिग्ध शव लेकर बुढ़मू थाना क्षेत्र के पारपोखर पहुंची। कार में रखा शव उमेडंडा पारपोखर निवासी मोहन नायक की 16 वर्षीया बेटी खुशबू कुमारी का था, जो पिछले कई वर्षों से सुषमा के घर में रहकर काम करती थी। अचानक गाड़ी में शव और उसके हाथ-पैर पर चोट के निशान देख सशंकित ग्रामीणों ने इसकी सूचना बुढ़मू पुलिस को दी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुषमा कुमारी, चालक व खुशबू के शव को थाना लाकर छानबीन शुरू कर दी।मामले में बुढ़मू थाना में 0 एफआईआर दर्ज कर पुलिस बल की निगरानी में सभी को कांके थाना ले जाया गया, जहां मृतका की मौसी ललिता देवी के बयान पर मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी।
बताया गया कि खुशबू की मां का निधन 2018 में हो गया था। मृतका की मौसी ललिता देवी ने बताया कि बहन की मौत के बाद खुशबू को हमलोग अपने साथ रखते थे। बाद में पिता मोहन नायक ने दूसरी शादी के बाद उसे उमेडंडा अपने घर ले आया और हमारी जानकारी के बिना करीब पांच साल पहले 11 वर्ष की खुशबू को काम करने के लिए सुषमा कुमारी को दे दिया।
मोहन नायक ने बताया कि उमेडंडा के संजय मोची के माध्यम से खुशबू को सुषमा के घर काम पर लगाया गया था। उस समय सुषमा बुढ़मू में सीडीपीओ कार्यालय में कार्यरत थी। कुछ समय तक मोहन की खुशबू से बातचीत होती थी, लेकिन करीब एक साल से सुषमा किसी को उससे मिलने या बात करने नहीं देती थी। मोहन ने संजय मोची से मिलने की बात कही तो उसने बताया कि सुषमा का नया पता उसके पास नहीं है और फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
बताया जा रहा है कि सुषमा कुमारी मूल रूप से पूर्वी सिंहभूम के गौरीशंकर रोड, जुगसलाई की रहने वाली है। वह कुछ समय पहले बुढ़मू में सीडीपीओ कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थी। फिलहाल वह सचिवालय में कार्यरत है और वर्तमान में कांके थाना क्षेत्र के चेड़ी में रहती है। गांव की युवती की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की है।

