रामगढ़ में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में कर्मचारी हिरासत में..

 

रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले के सेंट्रल सौंदा रीजनल वर्कशॉप में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की टीम ने अचानक छापेमारी कर एक कर्मचारी को कथित रिश्वत लेते हुए हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में चर्चा का माहौल है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रीजनल वर्कशॉप में कार्यरत अरुण सिन्हा पर ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप था। बताया जाता है कि दशरथ मांझी नामक व्यक्ति से पदस्थापन संबंधी कार्य कराने के एवज में रकम की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले का सत्यापन किया और फिर आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की।

जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के सहयोग से पूरी योजना बनाई। तय प्रक्रिया के तहत जैसे ही कथित रूप से रकम का लेनदेन हुआ, पहले से निगरानी कर रही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अरुण सिन्हा को हिरासत में ले लिया।

अचानक हुई इस कार्रवाई से केंद्रीय सौंदा रीजनल वर्कशॉप के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। विजिलेंस टीम ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की। कई महत्वपूर्ण कागजात खंगाले गए और संबंधित पहलुओं की पड़ताल की गई।

प्रारंभिक पूछताछ के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी कर्मचारी को अपने साथ ले गई। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर वसूली का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या सिंडिकेट से जुड़ा है या नहीं। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।फिलहाल विजिलेंस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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