ट्रेजरी घोटाला : सीआईडी ने खूंटी व देवघर में हुए 1.21 करोड़ की अवैध निकासी के मामले को भी किया टेकओवर-

–खूंटी में 22.69 लाख और देवघर में 99 लाख रुपए की हुई है अवैध निकासी, सीआईडी में अब कुल 7 केस हो गए दर्ज

राँची।झारखण्ड में ट्रेजरी घोटाला मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने खूंटी और देवघर जिले में हुई अवैध निकासी मामले में दर्ज केस को भी टेकओवर कर लिया है। इन दोनों मामलों में सीआईडी थाना राँची में 13 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। खूंटी जिले का का मामला सारिदकेल तोरपा स्थित एसआईआरबी-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में 22 लाख 69 हजार 657 रुपए की अवैध निकासी का है। जबकि देवघर जिले के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 99 लाख रुपए की अवैध वेतन निकासी हुई है। अब सीआईडी थाने में ट्रेजरी घोटाला से संबंधित कुल 7 मामले दर्ज हो चुके है। सबसे पहला मामला बोकरो एसपी आफिस में हुए 11 करोड़ का दर्ज हुआ था। इसके बाद हजारीबाग एसपी कार्यालय से 31 करोड़ के निकासी का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद चाईबासा एसपी कार्यालय से 44 लाख रुपए की निकासी का दर्ज हुआ। फिर रांची में पशुपालन विभाग में हुए 2.94 करोड़ और रामगढ़ में 34.25 लाख रुपए की अवैध निकासी का मामला दर्ज हुआ।

खूंटी मामले में गिरफ्तार शुभम सिंह को जल्द लिया जाएगा रिमांड पर

सारिदकेल तोरपा स्थित एसआईआरबी-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद खूंटी के कोषागार पदाधिकारी के लिखित आवेदन के आधार पर खूंटी थाना में 21 मई को प्राथमिकी (कांड संख्या 72/26) दर्ज की गई थी। ​इस पूरे सरकारी राशि के दुरुपयोग का खुलासा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक त्रिस्तरीय उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट के बाद हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट विपिन चंद्र विश्वास, ट्रेजरी ऑफिसर शिव कुमार सिंह और अपर समाहर्ता की टीम ने संयुक्त रूप से गहनता से जांच की थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर आरोपी के बैंक खाते में अवैध रूप से 22 लाख 69 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। जिसमें अकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह और शुभम कुमार को आरोपी बनाया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद खूंटी एसपी ने तत्काल कार्रवाई की थी। जिसके बाद एक आरोपी को पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के घोडाटाप निवासी 26 वर्षीय शुभम सिंह को 19 जून को गिरफ्तार किया था। वहीं इस मामले का दूसरा आरोपी अजीत कुमार सिंह फरार चल रहा है। अब सीआईडी की एसआईटी इस मामले में जेल में बंद शुभम सिंह को कोर्ट की अनुमति के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में निकासी की गई 99 लाख

देवघर जिले के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 99 लाख रुपए की अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आने के बाद देवघर डीसी ने इसकी जांच कराई थी। इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां के चिकित्सा प्रभारी डॉ. ब्रजकिशोर सिन्हा के प्रतिवेदन पर पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ सरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। सीएचसी सारवां के पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी जो बाद में सिविल सर्जन कार्यालय देवघर में पदस्थापित थी उनके विरूद्ध आरोप है कि ट्रेजरी से 99 लाख 6 हजार 762 रूपए की उन्होंने अवैध निकासी की। वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में अभियुक्त द्वारा अपने खाता संख्या 31505009828 में आलोक बनर्जी, सुलोचना कुमारी, कुमारी लक्खी एवं अन्य कर्मियों के नाम से कुल राशि 28 लाख 73 हजार 592 रूपए की अवैध निकासी कर भुगतान लिया गया। अभियुक्त द्वारा जिवलाल मेहरा, सुरसुरी देवी एवं अन्य कर्मियों का कुल राशि 19 लाख 33 हजार 935 रूपए की अवैध निकसी कर बिन्दु कुमारी के खाता संख्या 20170161917 में भुगतान किया गया। प्रभात कुमार के खाता में अनीता कुमारी, कुशुमलता सिन्हा एवं अन्य कर्मियो का कुल 24 लाख 98 हजार 106 रूपए का अवैध निकासी कर भुगतान किया गया। प्रियंका कुमारी के खाता संख्या 202585555675 में कुमारी लख्खी, कलावती कुमारी एवं अन्य कर्मियो का कुल राशि 22 लाख 38 हजार 436 रूपए का अवैध निकासी कर भुगतान किया गया। सविता कुमारी द्वारा अनिल कुमार दास का खाता संख्या 30449887634 में कलावती कुमारी एवं अन्य कर्मियों का कुल राशि 3 लाख 62 हजार 693 रूपए का अवैध निकासी कर भुगतान किया गया। मामला सही पाए जाने के बाद लेखा लिपिक सविता कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है। अब आरोपी सविता कुमारी को भी रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी की एसआईटी विशेष कोर्ट से जल्द अनुमति लेगी, ताकि इस मामले के अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

error: Content is protected !!