गुमला डीएससी कार्यालय में राँची एसीबी की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार रुपये रिश्वत लेते प्रधान सहायक और सेवानिवृत्त शिक्षक गिरफ्तार

गुमला। झारखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राँची की टीम ने गुमला जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएससी) कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये रिश्वत लेते दो लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में डीएससी कार्यालय के प्रधान सहायक रंजीत कुजूर और सेवानिवृत्त शिक्षक व अल्पसंख्यक शिक्षक संघ के नेता वत्सीय रविकांत शामिल हैं। कार्रवाई के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, एक शिक्षक के एरिया भुगतान से जुड़े मामले में फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी राँची से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले गोपनीय सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया और पूरी योजना के तहत डीएससी कार्यालय में छापेमारी की गई।

जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक राजेश बाखला के एरियर भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। राजेश बाखला ने इसकी शिकायत एसीबी से की।शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत मंगलवार शाम शिकायतकर्ता ने प्रधान सहायक रंजीत कुजूर को 50 हजार रुपये सौंपे। रुपये लेते ही पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

मंगलवार दोपहर बाद एसीबी राँची की टीम चार वाहनों में सवार होकर 12 से अधिक अधिकारियों के साथ जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। उस समय जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम अपने कार्यालय में मौजूद थे। एसीबी ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर राँची स्थित एसीबी मुख्यालय लाया गया।

गिरफ्तार किए गए वत्सीय रविकांत सेवानिवृत्त शिक्षक होने के साथ-साथ अल्पसंख्यक शिक्षक संघ से भी जुड़े बताए जाते हैं। फिलहाल एसीबी यह जांच कर रही है कि उनकी भूमिका केवल बिचौलिये की थी या वे पूरे मामले में किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में कोई अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

एसीबी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग केवल इसी मामले में की गई थी या शिक्षा विभाग में इस तरह की वसूली का कोई संगठित तंत्र सक्रिय है। जांच के दौरान फाइलों, दस्तावेजों, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एसीबी के डीएसपी ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर राँची लाया गया है। पूरे मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

गुमला जिले में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं। कुछ ही दिन पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय तथा लघु सिंचाई विभाग के मंडल कार्यालय में भी रिश्वत लेने के आरोप में कर्मचारियों पर एसीबी ने कार्रवाई की थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी या बिचौलिये को बख्शा नहीं जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत एसीबी से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

 

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