तबादला एक्सप्रेस से नाराज SDPO भड़के,नौकरी से इस्तीफ़ा देने का ऐलान किया,सोशल मीडिया पर लिखा,जीवन नौकरी से बड़ी है, न्याय की जीत होनी चाहिए…

राँची।झारखण्ड में तबादला जोरों पर हो रहा है। कई पुलिस अधिकारी एक जगह से दूसरी जगह बदले जा रहे हैं। झारखण्ड सरकार ने मंगलवार की देर रात एक बार फिर कई पुलिस अफसरों का तबादला किया है। इस लिस्ट में खोरीमहुआ एसडीपीओ साजिद जफ़र का भी नाम है।तबादले से आहत होकर एसडीपीओ ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाल कर नौकरी से इस्तीफ़ा देने का ऐलान किया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि तबादले का अन्यायपूर्ण फैसला देख कर मैंने नौकरी से इस्तीफ़ा देने का फैसला लिया है, जीवन नौकरी से बड़ा है। न्याय की जीत होनी चाहिए, जय हिन्द।

सोशल मीडिया पर लिखा गया साजिद का यह पोस्ट वायरल हो रहा है। उनके पोस्ट का स्क्रीन शॉट कई व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हो रहा है। उन्होंने तबादला के फैसले को अन्यायपूर्ण फैसला बताया है। एसडीपीओ साजिद जफर डेढ़ माह के अंदर खोरीमहुआ एसडीपीओ के पद से हटाकर सीआईएसएफ बोकारो में पदस्थापित कर दिया गया। ट्रांसफर की अधिसूचना बुधवार को जारी होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए नौकरी से इस्तीफा देने की बात कही।हालांकि जैसे ही ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।कुछ देर बाद उन्होंने पोस्ट को डिलीट कर दिया है।

दरअसल, हाल के दिनों में जितने भी ट्रांसफर पोस्टिंग सरकार के द्वारा किए गए हैं उनमें घोर अनियमितता हुई है। सबसे ज्यादा विवाद पुलिस अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर चल रहा है। डीएसपी रैंक में तो ट्रांसफर लिस्ट पूरी तरह से विवादित रहा है।अधिसूचना जारी होने के बावजूद कई डीएसपी की पोस्टिंग को रातों-रात विलोपित कर दिया गया।राँची के सदर डीएसपी, खलारी डीएसपी के साथ-साथ कई जिलों में तबादले की अदिसूचना जारी कर दी गई, लेकिन बाद में उन अफसर को दूसरे जिलों में भेज दिया गया।राँची के खलारी डीएसपी के पद पर तो भोला सिंह ने योगदान भी दे दिया था लेकिन दो दिन बाद ही उनका तबादला जमशेदपुर कर दिया गया।ऐसे में सोशल मीडिया के जरिए एक डीएसपी का सवाल पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

इधर उन्होंने कहा कि हमारा जो अधिकार है वह मिलना चाहिए मैं साढ़े पांच साल नॉन-फील्ड में काम कर रहा हूं। एक माह खोरीमहुआ में काम किया और मुझे हटा दिया गया। इसका मतलब क्या है ? कोई ये तो बताए कि आखिर मेरा क्या अपराध था? मैं राहुल गांधी से मेरा सवाल करना चाहता हूं कि जिस राज्य में आपकी सरकार है, वहां न्याय नहीं कर सकते तो देश में न्याय कैसे करेंगे?