राहुल बच्चा हत्याकांड:जमशेदपुर पुलिस का ‘सिंघम’ एक्शन: सरेंडर के बाद हाफ एनकाउंटर,कुख्यात अपराधी शब्बे के पैर में ठोंकी गोली….

जमशेदपुर।झारखण्ड ने जमशेदपुर शहर के मानगो के चर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड में गुरुवार भोरे भोरे वो हुआ जिसकी उम्मीद शायद खुद अपराधियों को भी नहीं थी। महज़ चंद घंटों के भीतर कहानी में ऐसा यू-टर्न आया कि कानून को चुनौती देने वाला मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे अस्पताल के बेड पर जा पहुंचा। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी का ‘हाफ एनकाउंटर’ कर दिया है।

सरेंडर का ‘सेफ गेम’ और पुलिस का ‘फॉरेस्ट ऑपरेशन’
बुधवार की रात राहुल बच्चा की बेरहमी से हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी साहेब सिंह और उसके साथियों को लगा कि पुलिस के सामने सरेंडर करके वे महफूज हो जाएंगे। सरेंडर के बाद पुलिस जब साहेब सिंह और दो अन्य आरोपियों को लेकर मानगो रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट एरिया में हथियारों की बरामदगी के लिए पहुंची, तो अपराधी ने अपना असली रंग दिखा दिया।
भागने की कोशिश और फायरिंग: अंधेरे का फायदा उठाकर साहेब सिंह उर्फ शब्बे ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि उसने पुलिस टीम पर सीधे दो राउंड फायरिंग झोंक दी।
दनादन चली गोलियां: सब-इंस्पेक्टर ने पैर में मारी गोली
अपराधी की इस हिमाकत पर जमशेदपुर पुलिस ने भी बिना वक्त गंवाए ‘सिंघम’ स्टाइल में जवाब दिया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में तुरंत मोर्चा संभाला। सब-इंस्पेक्टर संजय की पिस्टल से निकली गोली सीधे साहेब सिंह के पैर को चीरती हुई निकल गई। पलक झपकते ही जो अपराधी खुद को ‘शेर’ समझ रहा था, वह जमीन पर ढेर हो गया। खून से लथपथ घायल आरोपी को तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके से एक लोडेड और एक खाली पिस्टल भी बरामद की है।
’हम नहीं मारते तो वो मेरे भाइयों को मार देता’— अपराधी का कबूलनामा
एनकाउंटर से ठीक पहले पुलिस की पूछताछ में साहेब सिंह ने बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे किए थे। उसने राहुल बच्चा की हत्या की जो वजह बताई, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है:
ईंट-पत्थर से कुचलकर मारा: आरोपी ने कबूला, “हमने उसे गोली नहीं मारी, बल्कि ईंट और पत्थरों से मार-मारकर उसकी जान ली।”
जान के बदले जान का खौफ: साहेब सिंह ने कहा, “राहुल बच्चा लगातार मेरी और मेरे भाइयों की रेकी कर रहा था। उसने पहले भी मुझ पर गोली चलाई थी। डिमना चौक पर 50-60 लोगों से मुझे दौड़ाया था। इस बार पानी सिर से ऊपर जा चुका था। अपनी जान बचाने के लिए हमें यह कदम उठाना पड़ा।”
पछतावा है, पर मजबूरी थी: आरोपी ने आक्रामक होते हुए कहा, “मुझे राहुल को मारने का पछतावा है, लेकिन कोई और रास्ता नहीं बचा था। अगर हम उसे नहीं मारते, तो वह मेरे तीनों भाइयों में से किसी न किसी को पक्का मौत के घाट उतार देता। वह हमारी जान के पीछे हाथ धोकर पड़ा था।”
कानून का खौफ या एनकाउंटर का डर?
साहेब सिंह ने दावा किया कि इसी खौफ की वजह से उसने कानून के सामने घुटने टेकने (सरेंडर करने) का फैसला किया था। लेकिन सरेंडर के बाद पुलिस को चकमा देकर भागने और फायरिंग करने की उसकी कोशिश ने यह साफ कर दिया कि अपराधियों के मन में कानून का कितना “सम्मान” है। बहरहाल, जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित और कड़क कार्रवाई ने शहर के अपराधियों को एक साफ और कड़ा संदेश दे दिया है कि ‘अपराध करोगे, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो!’
इधर,सिटी एसपी ने बताया कि 8 जुलाई की देर रात मानगो थाना क्षेत्र के मुंशी मोहल्ला, मजार गली के पास राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की हत्या कर दी गई थी।इस मामले में मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे समेत आफताब और सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।एसपी के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी के लिए तीनों आरोपियों को रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट क्षेत्र में ले जाया गया। उनकी निशानदेही पर एक लोडेड पिस्टल और एक खाली पिस्टल बरामद की गई।इसी दौरान मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे ने भागने का प्रयास किया।पुलिस का दावा है कि उसने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की।इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।इस दौरान सब-इंस्पेक्टर संजय की फायरिंग में शब्बे के पैर में गोली लगी।घायल आरोपी को तत्काल एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। सिटी एसपी ने बताया कि आरोपी के हमलावर रवैये से पुलिस टीम की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था. उनके अनुसार, यदि पुलिस आत्मरक्षा में कार्रवाई नहीं करती, तो पुलिसकर्मियों की जान को खतरा हो सकता था।

