जमशेदपुर में फिर हुई सनसनीखेज मर्डर:सोशल मीडिया और युवती के विवाद में युवक को पहले पत्थरों से कूचा, फिर मारी गोली,इलाके में सनसनी

जमशेदपुर। शहर के मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड में आपसी रंजिश और वर्चस्व को लेकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राहुल कुमार सिंह उर्फ राहुल बच्चा के रूप में हुई है। हमलावरों की तादाद 15 से 20 के करीब थी, जिन्होंने पहले राहुल को लाठी, बांस और पत्थरों से बुरी तरह कूचकर लहूलुहान कर दिया और फिर जाते-जाते उसे करीब से गोली मार दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की पटकथा सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि एक लड़की को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बयानबाजी हुई थी। यही विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि विरोधी गुट ने राहुल की हत्या की पूरी प्लानिंग कर ली। घटना के वक्त राहुल बच्चा मानगो गुरुद्वारा रोड के पास मौजूद था। इसी दौरान अपराधी शफी और उसके साथ करीब 15 से 20 लड़कों की टोली ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने आव देखा न ताव, राहुल पर बांस, लाठी और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब राहुल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, तो अपराधियों ने उसे करीब से गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद भारी भीड़ को देखकर सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार,राहुल और शब्बे एक ही लड़की से प्यार करते थे और दोनों में इसे लेकर विवाद चल रहा था और तनाव बढ़ता जा रहा था। इसी रंजिश ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया और शब्बे ने राहुल की पहले जमकर पिटाई की और फिर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
इधर,घटना के तुरंत बाद राहुल के दोस्त और सहयोगी मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना वे गंभीर रूप से घायल राहुल को बाइक पर बीच में बैठाकर तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। राहुल की मौत की खबर मिलते ही उसके दर्जनों समर्थक और स्थानीय युवक टीएमएच पहुंच गए और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया, जिसने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित युवकों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक राहुल बच्चा और मुख्य हमलावर शफी, दोनों का ही पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। राहुल बच्चा करीब एक साल पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। वहीं, हमलावर शफी और उसके गिरोह के कई अन्य सदस्य भी हाल ही में जेल से बाहर आए थे। जेल से बाहर आने के बाद से ही दोनों गुटों में दोबारा वर्चस्व की जंग शुरू हो गई थी, जिसका अंजाम इस हत्याकांड के रूप में सामने आया।
घटना की सूचना मिलते ही मानगो पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मामले की तफ्तीश में जुट गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और मुख्य आरोपी शफी समेत सभी नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। वहीं, स्थानीय लोग पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने और सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

