पलामू में हथियार और फायरिंग के मामलों की जांच पर DIG सख्त, DSP समेत 5 पुलिसकर्मियों से मांगा जवाब

पलामू।झारखण्ड के पलामू रेंज में आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े मामलों की जांच में लापरवाही अब पुलिस अधिकारियों पर भारी पड़ रही है। मामलों की समीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद पलामू रेंज के DIG किशोर कौशल ने एक DSP और चार सब इंस्पेक्टर को शोकॉज किया है।
DIG ने मेदिनीनगर टाउन, मेदिनीनगर सदर और चैनपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज 11 आर्म्स एक्ट मामलों की समीक्षा की। इनमें टाउन थाना के पांच, सदर के तीन और चैनपुर थाना के तीन मामले शामिल थे। बताया गया कि इनमें से अधिकतर मामले सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े थे और फायरिंग की घटनाएं भी हुई थीं।
मुख्य आरोपी पकड़े, लेकिन दूसरे आरोपियों पर कार्रवाई नहीं
समीक्षा में सामने आया कि कई मामलों में अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। वहीं, कुछ मामलों में मुख्य आरोपी जेल पहुंच गए, लेकिन घटना में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं की गई। जांच में बरती गई इस लापरवाही को DIG ने गंभीरता से लिया।
शोकॉज किए गए पुलिसकर्मियों में सदर थाना में पदस्थ रहे सब इंस्पेक्टर कौलेश्वर प्रसाद, टाउन थाना में पदस्थ रहे और वर्तमान में हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलूल मन्नान, टाउन थाना के तत्कालीन SI और वर्तमान में किशनपुर ओपी प्रभारी चंद्रशेखर यादव तथा टाउन थाना में पदस्थ SI सुबोध कुमार शामिल हैं।
समीक्षा में पुलिस की अपराधियों पर निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई। DIG ने पाया कि जेल से बाहर आने वाले गंभीर अपराधों से जुड़े अपराधियों की मॉनिटरिंग प्रभावी तरीके से नहीं की जा रही थी। वहीं, ऐसे अपराधियों के खिलाफ CCA का प्रस्ताव भी समय पर नहीं भेजा जा रहा था।
इसके अलावा कई मामलों में DSP स्तर से जांच प्रतिवेदन महीनों से लंबित पाए गए। DIG ने SDPO को मुकदमों के प्रतिवेदन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
DIG किशोर कौशल ने कहा कि समीक्षा के दौरान अनुसंधान में लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट और फायरिंग जैसे गंभीर मामलों में जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

