राँची: पंडरा थाने के भीतर महिला ने की खुदकुशी की कोशिश,स्थिति गंभीर… पुलिस ने जेवरात चोरी के मामले में पति-पत्नी को उठाया था..

​राँची।राजधानी राँची के पंडरा ओपी से एक बेहद सनसनीखेज और पुलिसिया चौकसी पर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए लाई गई एक महिला ने थाने के भीतर ही आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में ही आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे थाने में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।​महिला को एक निजी अस्पताल में आइसीयू में भर्ती है।डॉक्टरों के अनुसार स्थिति गंभीर है।इस घटना ने एक बार फिर पुलिस सुरक्षा और थाने के भीतर की मॉनिटरिंग पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

​चोरी का लगा था दाग, पति-पत्नी दोनों को उठा लाई थी पुलिस

​मिली जानकारी के अनुसार, पंडरा ओपी क्षेत्र में एक पड़ोसी के घर में चोरी की वारदात हुई थी। तफ्तीश के दौरान शक की सूई एक दंपत्ति पर घूमी। इसके बाद मंगलवार की शाम पंडरा ओपी की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेही महिला और उसके पति दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने ले आई।

​’मैडम’ बाहर गईं और इधर खेल हो गया!

​थाने लाने के बाद महिला को एक अलग कमरे में सुरक्षित रखा गया था और उसकी कस्टडी के लिए एक महिला पुलिसकर्मी (लेडी कांस्टेबल) को तैनात किया गया था। लेकिन, सुरक्षा में चूक तब हुई जब महिला पुलिसकर्मी किसी काम से चंद मिनटों के लिए कमरे से बाहर निकलीं।बस इसी सूनेपन का फायदा उठाकर हिरासत में ली गई महिला ने खुदकुशी की कोशिश की। जब तक बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ती, अनहोनी हो चुकी थी। आनन-फानन में कमरे का दरवाजा खोलकर गंभीर स्थिति में महिला को अस्पताल ले जाया गया।

मामले में राँची के सिटी एसपी ने बताया कि”महिला की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गए कुछ जेवरात और गहने बरामद कर लिए थे। पुलिस आगे की कागजी कार्रवाई कर रही थी और महिला को तुरंत जेल भी नहीं भेजा जा रहा था। इसके बावजूद उसने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, यह जांच का विषय है।” सिटी एसपी के मुताबिक, पूरे मामले की बारीकी से विभागीय जांच की जा रही है कि आखिर महिला पुलिसकर्मी के कमरे से हटते ही यह चूक कैसे हुई। लेकिन इस घटना ने राजधानी पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे थाने के अंदर कोई कैसे जान देने की कोशिश कर सकता है?

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