झारखण्ड में सांपों का तांडव: लोहरदगा के आवासीय स्कूल में करैत का कहर,चार छात्राओं को डंसा,एक छात्रा की मौत; गुमला में 24 घंटे में 5 लोग सर्पदंश के शिकार

राँची/लोहरदगा/गुमला। झारखण्ड में मानसून के साथ जहरीले सांपों का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। बीते 24 घंटों में लोहरदगा और गुमला जिले से सर्पदंश की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। लोहरदगा में एक आवासीय विद्यालय के छात्रावास में घुसे करैत सांप ने चार छात्राओं को डंस लिया, जिसमें एक मासूम की मौत हो गई, जबकि दूसरी छात्रा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वहीं गुमला जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में महज 24 घंटे के भीतर पांच लोग जहरीले सांपों का शिकार हो गए। इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी है।

लोहरदगा: छात्रावास में घुसा करैत, चार छात्राओं को डंसा
लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र स्थित सलगी पंचायत के रोचो महुवा टोली में संचालित संवसीरा हायर सेकेंडरी आवासीय विद्यालय में मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। रात करीब 10 बजे एक जहरीला करैत सांप छात्राओं के कमरे में घुस गया।
उस समय सभी छात्राएं भोजन के बाद अपने-अपने बिस्तर पर सो रही थीं। सबसे पहले सांप ने सेन्हा थाना क्षेत्र के अलौदी नावाटोली निवासी 12 वर्षीय वर्षा उरांव को डंस लिया। उसकी चीख सुनकर अन्य छात्राएं जागीं, लेकिन तब तक सांप ने मनीषा कुमारी, अनिषा उरांव और फुलमनिया उरांव को भी काट लिया।

अस्पताल पहुंचने से पहले चली गई एक मासूम की जान
घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन ने सभी छात्राओं को आनन-फानन में लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने वर्षा उरांव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल फुलमनिया उरांव को बेहतर इलाज के लिए राँची के रिम्स रेफर किया गया है। जबकि अनिषा उरांव और मनीषा कुमारी का इलाज सदर अस्पताल में जारी है।घटना के बाद पूरे विद्यालय परिसर में मातम और भय का माहौल है। छात्राएं सहमी हुई हैं और अभिभावकों में भी गहरा आक्रोश व चिंता है।पिता ने दर्ज कराया आवेदन, पुलिस जांच में जुटी
वहीं,मृत छात्रा वर्षा उरांव के पिता प्रणीम उरांव ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे विद्यालय के प्राचार्य ने फोन कर बेटी को सांप काटने की सूचना दी थी। अस्पताल पहुंचने पर उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी।कुड़ू थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

उधर गुमला में भी बढ़ा सर्पदंश का खतरा, 24 घंटे में पांच लोग अस्पताल पहुंचे

लोहरदगा की घटना के बीच गुमला जिले से भी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मानसून शुरू होते ही जिले के अलग-अलग इलाकों में सांपों का आतंक बढ़ गया है। बीते 24 घंटे के दौरान पांच अलग-अलग घटनाओं में पांच लोग जहरीले सांपों के डंसने से गंभीर रूप से बीमार हो गए।सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

कहीं खेत में तो कहीं घर के भीतर बनाया शिकार
रायडीह थाना क्षेत्र के लालडीपा गांव में बकरी चराने गई 45 वर्षीय मुनी देवी को नाग सांप ने डंस लिया।पूसो थाना क्षेत्र में खेत में काम कर रहे 21 वर्षीय रामविलास साहू भी जहरीले सांप का शिकार हो गए।सदर थाना क्षेत्र के टेंगरिया गांव में घर के फर्श पर सो रहे 16 वर्षीय सत्यम नायक को तड़के सांप ने काट लिया।सिसई थाना क्षेत्र के मंगलो गांव में रात के समय घर में सो रही 28 वर्षीय करमी उरांव को भी सांप ने डंस लिया।वहीं सदर थाना क्षेत्र के सुरसुरिया गांव में शादी समारोह में जाने के दौरान खेत वाले रास्ते से गुजर रहे 20 वर्षीय सोहन अंसारी को सांप ने काट लिया।

डॉक्टरों की चेतावनी—झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और घरों में विशेष सतर्कता बरतें। रात में जमीन पर सोने से बचें और घरों के आसपास साफ-सफाई रखें।
डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि सर्पदंश होने पर ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के भरोसे समय बर्बाद करना जानलेवा साबित हो सकता है। मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां समय पर एंटी-स्नेक वेनम देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।

मानसून के साथ बढ़ा खतरा, प्रशासन से सतर्कता की मांग
लोहरदगा और गुमला की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि मानसून के दौरान जहरीले सांप आबादी वाले इलाकों और घरों तक पहुंच रहे हैं। एक ओर आवासीय विद्यालय जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में छात्राएं सर्पदंश का शिकार हो रही हैं, तो दूसरी ओर खेत, जंगल और घरों में भी लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, स्कूलों और छात्रावासों में नियमित साफ-सफाई, परिसर की निगरानी और सर्पदंश से बचाव के प्रभावी इंतजाम अब बेहद जरूरी हो गए हैं।

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