हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान झंडा चौक पर हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, हथियार समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

 

हजारीबाग।झारखण्ड के हज़ारीबाग जिले में ऐतिहासिक रामनवमी के मौके पर इस वर्ष तीन लोगों की संदिग्ध मौत ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया था। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी तीनों घटनाओं का उद्भेदन कर दिया है रामनवमी शोभायात्रा के दौरान 29 मार्च को झंडा चौक के पास गाड़ीखाना क्लब के जुलूस में अभिषेक कुमार की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस जांच में सामने आया कि जुलूस के दौरान नशे की हालत में कुछ युवकों ने अभिषेक कुमार पर तलवार, चाकू और लाठी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अभिषेक को पहले सदर अस्पताल और फिर रिम्स राँची रेफर किया गया था। इस मामले में लोहसिंगना थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में 20 वर्षीय विजय कुमार विनायक, 20 वर्षीय श्याम कुमार उर्फ कारू, 25 वर्षीय आदित्य कुमार हरि उर्फ आदि, 20 वर्षीय रिशि कुमार और समीर वाल्मीकि शामिल हैं।आरोपियों के पास से तलवार, फोल्डिंग (चाइनीज) और चाकू बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जुलूस में घुसे एक युवक से विवाद के बाद सभी ने मिलकर हमला किया और फिर नाचते-गाते आगे बढ़ गए बाद में पता चला कि घायल युवक की मौत हो गई।

घटना के बाद आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोगों ने 2 घंटे से अधिक समय तक जुलूस मार्ग बाधित कर दिया था। शव जुलूस मार्ग पर ही रखकर प्रशासन का विरोध किया गया था।उस दौरान हजारीबाग के सदर एसडीओ आदित्य पांडे ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था कि बहुत जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। उन्होंने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाएगा।जो भी आरोपी है, उन्हें कानून सजा देगी।आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ था।

वहीं, 27 मार्च की रात दीपुगढ़ा में मुकेश सिंह पर चाकू से हमला किया गया था।जिसके बाद एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर आरोपी राजू थोथा उर्फ प्रणय को गिरफ्तार कर लिया था। मौके पर पुलिस ने खून लगा भुजाली भी बरामद किया था।

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