भीषण सड़क हादसे की मंजर देख,बयां करने लायक नहीं थे लोग,3 बच्चों सहित 6 शवों को जिसने देखा सब रोया…परिवार में बचा सिर्फ इकलौता बेटा….

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के चौपारण स्थित दनुआ घाटी में शनिवार रात को भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार से जुड़े छह लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक शिव कुमार के परिवार के साथ जो हादसा हुआ, उसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस दौरान जिसने भी ये मंजर देखा वो रोने से खुद को नहीं रोक पाया।शवों को देखने के बाद जो मंजर सामने आया, वह बयां करने लायक नहीं है। पत्थर दिल इंसान की आंखें भी नम हो जाएंगी। सभी के शव टुकड़े-टुकड़े में कट चुके थे। जिस जगह हादसा हुआ वहां घुप अंधेरे की वजह से मंजर और भी खौफनाक हो गया था। तेज रफ्तार और खतरनाक मोड़ों के कारण हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि मासूम बच्चों के शव तक पहचान में नहीं आ रहे थे। लोग जब मौके पर पहुंचे तो हर कोई स्तब्ध रह गया। किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि उस दर्दनाक दृश्य को लंबे समय तक देख सके। कई लोग वहीं फूट-फूट कर रो पड़े। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य शुरू किया गया। शवों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पहचान होने तक शवों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी।मृतकों में धनबाद के मधुबन स्थित बुदौरा कॉलोनी निवासी बीसीसीएलकर्मी शिव कुमार भुइयां (45), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बड़ी पुत्री सोनी कुमारी (12), छोटी पुत्री सुहानी (9), शिव कुमार के साला का पुत्र प्रेम (7) और उसके ससुर के रूप में की गई है। शिव कुमार भुइयां बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर कोलियरी में लाइनमैन थे और अपनी कार से परिवार के साथ गयाजी के आमस में एक पारिवारिक शादी समारोह में जा रहे थे।धनबाद के नंबर प्लेट वाली कार जब चौपारण की दनुआ घाटी के जोड़राही पुल के समीप पहुंची, तब अचानक आगे चल रहे एक ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। कार सवार कुछ समझ पाते, पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार दोनों भारी वाहनों के बीच दबने से कार मलबे का ढेर बन गई। हादसे के बाद ट्रक और ट्रेलर चालक भाग निकले।शिव कुमार अपने परिवार के साथ शनिवार को दोपहर 12 बजे के करीब अपनी चारपहिया से गयाजी निकले थे। अब परिवार में उनका एकमात्र पुत्र रंजीत कुमार ही बचा है।जानकारी के अनुसार, रंजीत बुदौरा स्थित आवास में ही रुक गया था। इधर, रात आठ बजे जब बुदौरा में घटना की सूचना मिली तब हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने उनके पुत्र को महज दुर्घटना की बात बताई है, लेकिन, घटना के बाद पूरे बुदौरा कॉलोनी में शोक की लहर है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि वे उनके बेटे को क्या बताए।

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