निखार सबलोक हत्याकांड का बड़ा खुलासा: 15 लाख की सुपारी, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार; यूपी के शूटर ने बरसाईं थीं गोलियां
जमशेदपुर/सरायकेला। झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में टेंथ माइल स्टोन होटल परिसर में 24 अगस्त को दिनदहाड़े हुई युवा कारोबारी निखार सबलोक की हत्या की गुत्थी अब सुलझने लगी है। करीब एक सप्ताह तक चली जांच, तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में छह आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद के साथ-साथ आपराधिक गिरोहों की आपसी रंजिश का एंगल सामने आया है।
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हत्याकांड की जांच से जुड़े अहम तथ्यों की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, निखार की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से रची गई साजिश, रेकी, सुपारी और शूटरों के इस्तेमाल की पूरी कहानी सामने आई है।
पुलिस टीम ने वारदात के बाद फरार होने में इस्तेमाल की गयी लाल रंग की कार (संख्या जेएच 05 एएन 5503) को राँची से बरामद कर जब्त किया।इसके बाद लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर हत्या में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गये आरोपियों में सोनारी के खुंटाडीह निवासी अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, मानगो संजय पथ निवासी सुनील रजक, मानगो लक्ष्मण नगर निवासी रितेश सिंह, सोनारी सिदो-कान्हू बस्ती का रहने वाला सुशील केराई के अलावा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के दो कुख्यात शूटर राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस (लधुवा) व अंकित सिंह (कोतवाली देहात) शामिल हैं।
15 लाख में तय हुआ था मौत का सौदा!
पुलिस के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के लिए करीब 15 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात जांच में सामने आई है। इस हत्याकांड की साजिश में अशोक राघव की मुख्य भूमिका बताई जा रही है और पुलिस उसे मास्टरमाइंड के तौर पर देख रही है।अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 15 लाख रुपये किसने दिए। रकम किसके माध्यम से पहुंची और हत्या की सुपारी देने वाले और हत्याकांड को जमीन विवाद से जोड़ने वाले लोगों के बीच क्या संबंध था।पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। अधिकारियों का कहना है कि साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
यूपी से बुलाया गया था शूटर, निखार पर उसी ने चलाई गोली
पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए शूटरों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अंकित सिंह ने निखार सबलोक पर गोली चलाई थी।बताया जा रहा है कि अंकित पेशेवर शूटर है। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार होकर राँची की ओर निकल गया। पुलिस उसकी गतिविधियों और फरारी के रास्ते की भी जांच कर रही है।जांच में दूसरे शूटर की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों शूटरों को किसने संपर्क किया, उन्हें जमशेदपुर-चांडिल कैसे लाया गया और हत्या के बाद उनके सुरक्षित भागने की व्यवस्था किसने की।
शूटरों को भगाने वाली कार भी जांच के केंद्र में
पुलिस के अनुसार, वारदात के समय सुनील रजक की भूमिका भी सामने आई है। बताया गया कि वह उस वाहन को चला रहा था, जिसका इस्तेमाल शूटरों को लाने और हत्या के बाद उन्हें भगाने के लिए किया गया।यानी पुलिस की जांच में अब पूरी कड़ी एक-एक कर जुड़ती नजर आ रही है।साजिशकर्ता, सुपारी, शूटर और वारदात के बाद भागने की व्यवस्था।पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले किस-किस से संपर्क हुआ था और हत्या के बाद शूटरों को कहां पहुंचाया गया।
जमीन विवाद के बीच गैंगवार का कनेक्शन भी आया सामने
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच शुरू होने के बाद से ही पुलिस जमीन विवाद समेत कई संभावित कारणों की पड़ताल कर रही थी। अब जांच में जमीन विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का एंगल भी सामने आया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के तार जमशेदपुर के चर्चित आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही कथित दुश्मनी से भी जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। जांच में अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश का पहलू भी खंगाला जा रहा है।हालांकि, किसी गिरोह या किसी व्यक्ति की अंतिम भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए सामने आए इन कनेक्शनों को जांच के तथ्यों के आधार पर ही देखा जा रहा है।
पहले से चल रही थी रेकी, मौका मिलते ही बना दिया गया निशाना
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि निखार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। शुरुआती जांच में पुलिस को CCTV फुटेज से दो संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली थी। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।निखार 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल पहुंचे थे। बैठक के बाद जैसे ही वह होटल परिसर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।निखार को गंभीर हालत में तत्काल जमशेदपुर के टीएमएच ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर गोलियों के कई निशान मिले थे। शुरुआती रिपोर्टों में 11 गोलियां लगने की बात सामने आई थी। घटनास्थल से भी कई खोखे बरामद किए गए थे।
दो जिलों की पुलिस ने बनाई थी विशेष टीम
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई थी। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों की गतिविधियों को खंगालते हुए पुलिस आगे बढ़ी।कोल्हान स्तर पर भी मामले की समीक्षा की गई थी। पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे।
अशोक राघव से पूछताछ के बाद खुलती गई कड़ियां
जांच के दौरान अशोक सिंह राघव पुलिस के संदेह के घेरे में आया। उससे लगातार पूछताछ की गई। पहले की रिपोर्टों में भी उसे पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने और उसके आपराधिक कनेक्शन की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।अब पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच से मिली जानकारी ने हत्याकांड की साजिश की कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ दिया है।
छह गिरफ्तार, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं
पुलिस ने इस मामले में अशोक सिंह, रितेश सिंह, अंकित सिंह और सुनील रजक समेत कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है।
सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि 15 लाख रुपये की सुपारी किसने दी थी?इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जमीन विवाद में असली विवाद क्या था, उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और आपराधिक गिरोहों का इससे किस स्तर तक संबंध था।पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। यदि जांच में इनकी संलिप्तता प्रमाणित होती है तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
24 अगस्त की दोपहर हुई थी सनसनीखेज वारदात
गौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा-आसनबनी स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल परिसर में निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह होटल में बैठक के सिलसिले में पहुंचे थे। बैठक के बाद बाहर निकलते ही अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।दिनदहाड़े हुई इस वारदात से चांडिल से लेकर जमशेदपुर तक सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी से लेकर CCTV फुटेज और तकनीकी जांच तक कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू की थी।
अब छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अगली चुनौती सुपारी देने वाले तक पहुंचने, पैसों के लेन-देन का पता लगाने, फरार शूटरों को गिरफ्तार करने और हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने की है।निखार हत्याकांड का पहला अध्याय पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ खोल दिया है, लेकिन 15 लाख की सुपारी के पीछे बैठा असली चेहरा कौन है।इस सवाल का जवाब सामने आना अभी बाकी है।

