कोर्ट के आदेश पर कब्जे की कार्रवाई, पेट्रोल-माचिस ने मचाया कोहराम;आग में घिरी महिला, बचाने दौड़े एएसआई और बेटा भी झुलसे…
चतरा। शहर के केशरी चौक पर बुधवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम के सामने अचानक एक महिला आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। महिला को बचाने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी और उसका बेटा भी झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसी महिला को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए राँची रिम्स के बर्न वार्ड रेफर कर दिया गया।
मकान खाली कराने पहुंची थी प्रशासन की टीम, शुरू हो गया विरोध
जानकारी के अनुसार, केशरी चौक स्थित मकान को लेकर स्वर्गीय नरेश कसेरा के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा था। न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम मकान पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी।टीम के पहुंचते ही मौके पर मौजूद कसेरा परिवार और उनके समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि परिवार का दावा था कि वे करीब 100 वर्षों से इस मकान में रहते आ रहे हैं, ऐसे में उन्हें हटाकर दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने की कार्रवाई स्वीकार नहीं है।
अचानक पेट्रोल छिड़कने से मचा हड़कंप
इसी बीच स्वर्गीय नरेश कसेरा की पत्नी रीना देवी ने कथित तौर पर अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान भीड़ के बीच किसी व्यक्ति द्वारा माचिस जलाए जाने के बाद अचानक आग भड़क उठी।आग इतनी तेजी से फैली कि रीना देवी कुछ ही क्षणों में लपटों से घिर गईं। उन्हें बचाने के लिए पुलिस के एएसआई प्रवीण कुमार आगे बढ़े। इसी कोशिश में उनका हाथ झुलस गया और वर्दी में भी आग लग गई। महिला को बचाने के प्रयास में उनका बेटा धीरज कुमार भी आग की चपेट में आकर झुलस गया।
महिला 70-80 फीसदी तक झुलसी, हालत गंभीर
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने रीना देवी की हालत गंभीर बताई। प्राप्त अनुसार, महिला करीब 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस गई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए राँची रेफर किया गया। वहीं,ASI प्रवीण कुमार और धीरज कुमार का भी सदर अस्पताल में उपचार कराया गया।
माचिस किसने जलाई? अब इसी सवाल पर टिकी जांच
घटना का सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेट्रोल से भीगी महिला के पास माचिस किसने जलाई और आग आखिर कैसे भड़की? पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई साजिश थी। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और फिर आग लगने की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
संपत्ति विवाद ने लिया खतरनाक मोड़
बताया जा रहा है कि मकान को लेकर स्वर्गीय नरेश कसेरा के परिवार और प्रदीप गोस्वामी पक्ष के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा था। न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासनिक टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन मौके पर विरोध के बाद स्थिति बेकाबू हो गई।घटना के बाद केशरी चौक में काफी देर तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। सदर एसडीपीओ सुन्नी वर्धन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि घटना किसी पूर्व साजिश का हिस्सा थी या विरोध-प्रदर्शन के दौरान अचानक हुई।
अब पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां है:एक तरफ न्यायालय के आदेश के पालन से जुड़ा मकान विवाद और दूसरी तरफ आग लगने की पूरी सच्चाई सामने लाना। केशरी चौक की इस घटना ने पूरे चतरा शहर हड़कम्प मचा दिया है।

