शादी के महज 5 महीने बाद ही पति-पत्नी में विवाद: महिला थाने में काउंसलिंग के बीच से भागकर होमगार्ड जवान ने गरगा नदी में लगाई छलांग

बोकारो।झारखण्ड के बोकारो से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है,जहां पारिवारिक विवाद इस कदर बढ़ गया कि एक होमगार्ड जवान ने मौत को गले लगाने की कोशिश की। सेक्टर वन स्थित महिला थाने में शनिवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब काउंसलिंग टेबल से उठकर एक जवान अचानक ‘सुसाइड’ करने की बात कहते हुए भाग निकला और चंद मिनटों बाद गरगा नदी की उफनती लहरों में कूद गया।गनीमत रही कि बोकारो पुलिस की तत्परता और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से जवान को वक्त रहते नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

​मिली जानकारी के अनुसार, तेलो निवासी होमगार्ड जवान बादल महली का अपनी पत्नी के साथ पिछले चार महीनों से गंभीर वैवाहिक विवाद चल रहा था। जबकि दोनों की शादी को महज पांच महीने ही हुए थे। इसी विवाद को सुलझाने और बिखरते रिश्ते को बचाने के लिए शनिवार रात महिला थाने में दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था।

​महिला थाना प्रभारी मीरा लकड़ा ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान ही पति-पत्नी के बीच अचानक तीखी बहस शुरू हो गई। हम दोनों को समझाने और शांत कराने की कोशिश कर ही रहे थे कि इसी बीच बादल अपना आपा खो बैठा। वह अचानक गुस्से में चिल्लाया कि वह सुसाइड कर लेगा और थाने से बाहर की तरफ दौड़ पड़ा।

​जवान को इस तरह आत्मघाती कदम उठाने की बात कहकर भागता देख महिला थाने की पुलिस टीम के हाथ-पांव फूल गए। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसका पीछा किया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वह नजरों से ओझल हो गया। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस को सूचना मिली कि जवान ने सेंट जेवियर स्कूल के पीछे स्थित गरगा नदी के पुल से नीचे छलांग लगा दी है।​सूचना मिलते ही बीएस सिटी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास और महिला थाना प्रभारी मीरा लकड़ा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत जवान बादल महली को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

​घटना के बाद जवान को आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है।​इधर, अस्पताल पहुंचे बादल के बेबस पिता राजू महतो ने नम आंखों से बताया कि बेटे की शादी पांच महीने पहले ही हुई थी, लेकिन चार महीने से दोनों के बीच अनबन चल रही थी। काउंसलिंग के दौरान बादल बेहद दुखी और हताश था। उसने रोते हुए कहा था,पिताजी, मेरी बात यह (पत्नी) समझती ही नहीं है। और इसी मानसिक तनाव में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

​इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आखिर पांच महीने के इस रिश्ते में ऐसा क्या मोड़ आ गया कि एक कानून के रखवाले को ही अपनी जान दांव पर लगानी पड़ गई, यह अब भी बोकारो में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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