स्मार्ट सिटी में झारखण्ड राज्य आवास बोर्ड अपनी जमीन अतिक्रमण मुक्त रहने के लिए 5 मौजा करेगा घेराबंदी

– अवैध दखल पर लगेगा ब्रेक, जगन्नाथपुर, मुड़मा, भूसूर, आनी और तिरिल में बोर्ड की खाली जमीनों पर हो रहा है कब्जा

राँची।राँची के स्मार्ट सिटी धुर्वा स्थित इलाकों में वर्षों से खाली पड़ी जमीनों हुए अवैध कब्जाधारियों से बचाने के लिए झारखण्ड राज्य आवास बोर्ड ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है।बोर्ड अपने राँची प्रमंडल अंतर्गत आने वाले पांच प्रमुख इलाकों में अर्जित भूखंडों को पूरी तरह सुरक्षित करने जा रहा है।इसके तहत मौजा आनी, जगन्नाथपुर, मुड़मा, भूसूर और तिरिल में फैली जमीनों के चारों तरफ 7 फीट ऊंची मजबूत प्री-कास्ट बाउंड्री वॉल खड़ी की जाएगी। हरमू स्थित आवास बोर्ड कार्यालय स्तर पर इस कार्ययोजना को 19 सितंबर तक अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकारी भूखंडों पर अवैध निर्माण और खरीद-बिक्री पर लगेगा पूर्ण विराम

आवास बोर्ड की इस सख्त पहल का सीधा असर जमीन दलालों और अवैध कब्जा करने वाले सिंडिकेट पर पड़ेगा. जगन्नाथपुर, मुड़मा, भूसूर, आनी और तिरिल ऐसे इलाके हैं जहां पिछले कुछ सालों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. खाली पड़ी सरकारी भूमि पर अवैध झुग्गियां बसाने, रातों-रात चारदीवारी खड़ी करने या फर्जी दस्तावेजों के सहारे आम लोगों को जमीन बेचने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।अब 7 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनने से इन जमीनों पर किसी भी तरह का भौतिक अतिक्रमण नामुमकिन हो जाएगा।

भविष्य की आवासीय योजनाओं का रास्ता होगा साफ

सरकारी संपत्तियों की सुरक्षित घेराबंदी होने से बोर्ड के पास अपनी योजनाओं को जमीन पर उतारने का रास्ता खुलेगा. जब तक जमीनें अतिक्रमण मुक्त नहीं होतीं, तब तक उन पर किसी नई योजना का काम शुरू नहीं हो पाता है. इस घेराबंदी से ना सिर्फ अरबों रुपए की सरकारी संपत्ति कानूनी विवादों में फंसने से बचेगी, बल्कि आम जनता के लिए किफायती आवास, मध्यम आय वर्गीय फ्लैट्स या अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं बिना किसी गतिरोध के आगे बढ़ सकेंगी।

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