गुमला में दिल दहला देने वाली वारदात:माँ ने दो मासूमों के साथ कुएं में लगाई छलांग, हंसता-खेलता परिवार तबाह..
गुमला।झारखण्ड के गुमला जिले में एक झटके में उजड़ गईं तीन जिंदगियां और पीछे छोड़ गईं कभी न खत्म होने वाला सन्नाटा।जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के मनातू गांव से बुधवार को एक ऐसी खौफनाक और दुखी कर देने वाली खबर सामने आई, जिसने सुनने वाले हर शख्स की रूह कपा दी। एक मां ने अपनी ममता का गला घोंटते हुए अपने ही दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। तीन मौत के बाद पूरे मनातू गांव में चूल्हे नहीं जले, हर आंख नम है और मातम पसरा हुआ है।
मृतकों की पहचान 27 वर्षीय परदेशनी कुमारी, उनके 5 साल के बेटे अंश उरांव और 4 साल की मासूम बेटी आशमानी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुधवार की दोपहर परदेशनी दोनों बच्चों को साथ लेकर घर के पास ही स्थित कुएं पर नहाने की बात कहकर निकली थी। दोपहर का वक्त होने के कारण आसपास सन्नाटा था और इसी सूनेपन का फायदा उठाकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
जब काफी देर तक तीनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों के पैर फूलने लगे। बच्चों की दादी गुनिया देवी और बुआ संतोषी कुमारी ने हर तरफ तलाश की। आखिरकार, जब महिला के पति जगन्नाथ उरांव ने कुएं में झांककर देखा, तो पानी के ऊपर तैरते एक कपड़े ने उनके होश उड़ा दिए।
अनहोनी की आशंका के बीच ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। रस्सी और झागर के सहारे जब कुएं में तलाश शुरू हुई, तो सबसे पहले 5 साल के मासूम अंश का बेजान शरीर ऊपर आया। इसके बाद एक-एक कर मां और बेटी के शवों को भी बाहर निकाला गया। जिसने भी यह मंजर देखा, उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
परिजनों के मुताबिक, इस हंसते-खेलते परिवार को किसी की नजर लग गई थी। मृतका परदेशनी कुमारी पिछले करीब 8 महीनों से गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थी और राँची के कांके में उसका इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
घटना की भनक लगते ही घाघरा थाना के एसआई आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
एक ही झटके में उजड़े इस परिवार के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है। मानसिक बीमारी कितनी जानलेवा हो सकती है, इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

