14 साल की सेवा, शहादत और सम्मान: झारखण्ड के पहले दारोगा बैच ने राँची में मनाया सफर का गौरव…
राँची।झारखण्ड पुलिस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखने वाले राज्य के पहले दारोगा बैच ने अपनी सेवा के 14 वर्ष पूरे होने पर सोमवार देर रात (22 जून) राँची के बोड़िया स्थित सगुन बैंक्वेट हॉल में भव्य वर्षगांठ समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर राँची जिले और इकाइयों में तैनात इंस्पेक्टर एवं सब-इंस्पेक्टर एक मंच पर जुटे और अपने अब तक के सफर को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि देकर की गई। समारोह की अध्यक्षता चुटिया थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पूनम कुजूर और सार्जेंट मेजर आनंद राज खलखो ने की,जबकि संचालन डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद, लालपुर थाना रूपेश सिंह और लोअर बाजार लव कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
2008 में शुरू हुई थी पहली बहाली, 2012 में मिला था मैदान:
झारखण्ड राज्य गठन के बाद वर्ष 2008 में पहली बार दारोगा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी। तीन चरणों की कठिन परीक्षा और हजारीबाग पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (वर्तमान पुलिस अकादमी) में लगभग डेढ़ वर्ष के प्रशिक्षण के बाद 2012 में इस बैच के अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों में योगदान दिया। तभी से यह बैच कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और जनता की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है।
14 वर्षों में उपलब्धियां भी, शहादत का दर्द भी:
समारोह में अधिकारियों ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सेवा उनके लिए हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दौरान कई अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए वीरता पदकों से सम्मानित किया गया, वहीं कुछ साथी कर्तव्य निभाते हुए शहीद भी हो गए।नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान विद्यापति सिंह और अमित तिवारी ने सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके अलावा संतोष मिश्रा, चंदन सिंह और लालजी प्रसाद यादव भी कर्तव्य पथ पर चलते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। समारोह में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि शहीद साथियों की याद हमेशा दिलों में जीवित रहेगी और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
एकजुटता और सेवा का लिया संकल्प:
वर्षगांठ समारोह में राँची के 2012 बैच के सभी थाना प्रभारियों समेत बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर और दारोगा उपस्थित रहे। इस दौरान अधिकारियों ने एकजुटता, अनुशासन, सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा के साथ समाज एवं देश की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया। 14 वर्षों के इस सफर में जहां उपलब्धियों की चमक दिखाई दी, वहीं शहीद साथियों की स्मृतियों ने समारोह को भावुक भी बना दिया। यह आयोजन केवल वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों के संघर्ष, समर्पण और सेवा भावना का सम्मान था, जिसने झारखण्ड पुलिस व्यवस्था की नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर राँची के (2012 बैच) सभी थाना प्रभारी सहित इंस्पेक्टर और दरोगा शामिल हुए थे।जिसमें इंस्पेक्टर रामनारायण सिंह,इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार,इंस्पेक्टर सुनील कुशवाहा,इंस्पेक्टर,प्रकाश रजक,इंस्पेक्टर नितिन कुमार,इंस्पेक्टर जयदेव टोप्पो,इंस्पेक्टर अनिल तिवारी,इंस्पेक्टर कुणाल कुमार,इंस्पेक्टर रश्मि मिंज,इंस्पेक्टर संगीता कुमारी,इंस्पेक्टर स्वर्णलता,दरोगा तंजील खान,दरोगा मीरा सिंह,दरोगा संतोष रजक समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी अधिकारियों ने एकजुटता, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ समाज और देश की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प भी दोहराया।

