साहिबगंज:गंगा की लहरों में समाया आठवीं का छात्र, शाम तक चलता रहा तलाश अभियान; एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की उठी मांग
साहिबगंज। दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने गया आठवीं कक्षा का एक छात्र मंगलवार को नदी की तेज धारा में लापता हो गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम देर शाम तक गंगा की लहरों में उसकी तलाश करती रही। हालांकि खबर लिखे जाने तक छात्र का कोई पता नहीं चल सका था।
जानकारी के अनुसार नगर थाना क्षेत्र के हरिपुर निवासी अरुण पांडेय का पुत्र अभिज्ञान पांडेय, जो सेंट जेवियर्स स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था, मंगलवार सुबह अपने दो दोस्तों के साथ स्कूल के पीछे स्थित फेरी घाट पर स्नान करने पहुंचा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते तेज धारा में लापता हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिज्ञान को बचाने की कोशिश में उसके दोनों मित्र भी पानी में डूबने लगे थे, लेकिन घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना और गंगा नदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थानीय गोताखोरों के साथ खोज अभियान शुरू किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइंड और अंचल अधिकारी बासुकीनाथ टुडू भी घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने खोज अभियान की निगरानी की और स्वयं मोटरबोट से नदी में जाकर तलाशी अभियान का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हरसंभव प्रयास कर छात्र का पता लगाने का निर्देश दिया।
छात्र के लापता होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गंगा तट पर जुट गए। लगातार हो रही डूबने की घटनाओं और एनडीआरएफ टीम के तत्काल उपलब्ध नहीं होने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। आक्रोशित लोगों ने मुख्य सड़क पर धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया और साहिबगंज में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की मांग उठाई।
स्थानीय लोगों का कहना था कि इस वर्ष अब तक करीब एक दर्जन लोग गंगा में डूब चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने घाटों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार, गंगा थाना प्रभारी लव कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।फिलहाल पूरा परिवार अभिज्ञान के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है, जबकि गंगा की लहरों में उसे खोजने का अभियान लगातार जारी है।यह

