चचेरे भाई ने दी थी मौत की सुपारी,राँची पुलिस ने ढेड़ साल बाद सुलझाई सनसनीखेज साजिश,दो गिरफ्तार

 

राँची।करीब डेढ़ साल पहले झारखण्ड हाई कोर्ट के अधिवक्ता बब्बन प्रसाद पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी आखिरकार राँची पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में जो कहानी सामने आई, उसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस हमले की साजिश किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि वकील के अपने ही चचेरे भाई ने रची थी।

1 अक्टूबर 2024 को अधिवक्ता बब्बन प्रसाद कोर्ट से अपने घर लौट रहे थे। रातू थाना क्षेत्र में रास्ते में घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल वकील को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।मामले की गंभीरता को देखते हुए राँची पुलिस ने विशेष टीम गठित की। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और लगातार की गई निगरानी के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि पूरे हमले की पटकथा पहले से तैयार की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, पलामू जिले में चल रहे पुस्तैनी जमीन विवाद ने रिश्तों में ऐसी दरार पैदा की कि चचेरे भाई अनुज कुमार महतो ने बब्बन प्रसाद की हत्या की योजना बना डाली। आरोप है कि उसने इस काम के लिए एक शूटर को पैसे देकर सुपारी दी और हमले की पूरी साजिश रची।

गिरफ्तार शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। जांच में यह भी पता चला कि वह कुख्यात सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े अपराधियों के संपर्क में था। हमले में इस्तेमाल हथियार और बाइक को पुलिस पहले ही एक अन्य कार्रवाई के दौरान बरामद कर चुकी थी।

कौन-कौन हुआ गिरफ्तार

अनुज कुमार महतो – कथित मुख्य साजिशकर्ता और पीड़ित का चचेरा भाई, निवासी सुदना (पलामू)।

गुलशन कुमार उर्फ गुलशन कुमार विश्वकर्मा – कथित शूटर, निवासी पोची (सतबरवा, पलामू)।

इस चर्चित मामले का खुलासा करने में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। जांच अधिकारियों और रातू थाना की टीम ने लगातार तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।राँची पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक हाई-प्रोफाइल हमले का राज खोला है, बल्कि यह भी दिखाया है कि जमीन के विवाद किस तरह रिश्तों को दुश्मनी में बदल सकते हैं।

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