तमाड़ कांड:पेपर लीक का सरगना ‘क्रिस्टोफर’ ने रटवाने के लिए रड़गांव में बनवाया था सीक्रेट सेंटर…

–नए मोबाइल देकर चला रहा था नेटवर्क, पुलिस के पहुंचने से कुछ ही देर पहले हुआ था फरार …

–पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों ने बताया- चुनचुन कुमार ने परीक्षा संचालन एजेंसी से प्रश्न पत्र चोरी कर वाट्सएप पर भेजा था गिरोह को, जिसका प्रिंट निकाल रटवाया जा रहा था अभ्यर्थियों को, पटना से चुनचुन गिरफ्तार

राँची।झारखण्ड उत्पाद सिपाही मुख्य परीक्षा 2023 से पहले प्रश्न-उत्तर रटवाने वाले गैंग का खुलासा करते हुए राँची पुलिस ने गिरोह के जिन पांच सदस्यों व 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था उन्हें सोमवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद सभी आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार जेल भेज दिया गया।जेल जाने से पूर्व पकड़े गए पांच आरोपियों ने जो पुलिस को जानकारी दी है वह चौकाने वाली है।।आरोपियों ने बताया कि रड़गांव में प्रश्न-उत्तर रटवाने की पूरी व्यवस्था गिरोह के एक अन्य मुख्य सदस्य क्रिस्टोफर ने की थी। उसी ने नर्सिंग कॉलेज का भवन निर्माण कर रहे ठेकेदार से साथ मिलकर उक्त भवन को गिरोह के सदस्यों को दिया था। पूरी व्यवस्था करने के बाद जब वहां 11 अप्रैल को सभी अभ्यर्थी पहुंच गए थे, वह भी पहुंचा था। व्यवस्था करने व पुलिस की छापेमारी के कुछ ही देर पहले वह निकल गया था। वहां से निकलने से पहले उसने अपना मोबाइल नंबर गिरोह के अन्य सदस्यों के मोबाइल से डिलीट कर दिया था। ताकि उसे कोई ढूंढ न सके। यहीं नहीं वहां से जाने से पहले उसने दो नया मोबाइल खरीद, गिरोह के सदस्यों को दिया था। जिसपर वह उनसे बाद में संपर्क करता। पुलिस की छापेमारी के बाद से क्रिस्टोफर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों ने और भी कई खुलासे किए है। आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सदस्य चुनचुन कुमार ने उत्पाद सिपाही परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा संचालन एजेंसी से चोरी कर प्राप्त किया था। जिसे उसने गिरोह के एक अन्य सदस्य विकास कुमार, जो माल सलामी पटना का रहने वाला है उसके मोबाइल पर अपने मोबाइल से वाट्सएप के जरिए भेजा था। जिसका प्रिंट आउट निकाल रड़गांव स्थित अर्धनिर्मित नर्सिंग होम में लाया गया था। उन्हीं प्रश्नों के उत्तर 159 अभ्यर्थियों को रटवाया जा रहा था। लेकिन 11 अप्रैल की रात 10.30 बजे पुलिस ने छापेमारी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। इधर सोमवार की रात पुलिस ने चुनचुन को भी पटना से गिरफ्तार कर लिया।

अर्धनिर्मित नर्सिंग होम के संचालक सहित 179 पर केस दर्ज

पुलिस ने इस मामले में अर्धनिर्मित नर्सिंग होम के संचालक आदित्य सिंह सहित 179 के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इनमें से 159 अभ्यर्थी है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। संगठित अपराध से जुड़ा धारा 111(2) और 111(3), धारा 112(2) गिरोह या आपराधिक संगठन की सदस्यता, धारा 318(4) भी लगाई गई है, जो धोखाधड़ी और छलपूर्वक लाभ प्राप्त करने जैसे अपराधों को कवर करती है। वहीं अपराध करने के लिए उकसाना या सहायता करना धारा 49, धारा 61(2) आपराधिक साजिश क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी से संबंधित है। कई लोग मिलकर एक समान इरादे से अपराध करते हैं इसकी धारा 3(5) भी लगाया है।

सबसे अधिक अभ्यर्थी गिरिडीह न हजारीबाग जिले के

गिरफ्तार अभ्यर्थियों में सबसे अधिक गिरिडीह व हजारीबाग जिले के है। गिरिडीह जिले के 35 व हजारीबाग जिले से 31 अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं बिहार के 22 अभ्यर्थी शामिल है जो पकड़े गए है। राँची जिले के तमाड़ के 13 अभ्यर्थी इसमें शामिल है। तमाड़ के ही रड़गाव में गैंग ने रटवाने के लिए एक अर्धनिर्मित नर्सिंग होम ले रखा था। नर्सिंग होम को दिलाने में मुख्य भूमिका चुनमुन ने निभाई थी। उसका तमाड़ आना जाना था। उसी ने नर्सिंग होम का निर्माण कर रहे ठेकेदार से संपर्क किया था और उसे लिया था। जिन 7 महिला अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उनमें से पांच तमाड़, एक कांके व एक धुर्वा की है। इन महिला कैंडिडेट की वजह से भी तमाड़ के रड़गांव का क्षेत्र प्रश्न पत्र रटवाने के लिए चुना गया। ताकि उन्हें आने जाने में परेशानी न हो। इसके अलावा चतरा, रामगढ़, पलामू, गढ़वा, लोहरदगा, धनबाद, सरायकेला, देवघर और कोडरमा जिले के अभ्यर्थी शामिल है जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया।

10 अभ्यर्थी से हुआ था 10 लाख में सौदा, 3 लाख लिया गया था एडवांस

गिरोह के सदस्यों ने एक एक अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके एवज में गिरोह ने सभी से तीन तीन लाख रुपए एडवांस में लिए थे। एडवांस ने किसी ने चेक दिया था तो किसी ने नगद। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों से उनका मूल प्रमाण पत्र अभ्यर्थियों ने ले लिया था। यह तय हुआ था कि जब सेलेक्शन हो जाएगा उसके बाद पूरा पेमेंट करने के बाद मूल प्रमाण पत्र वापस कर दिए जाएंगे।

जानिए गैंग के किस सदस्य की क्या था जिम्मेदारी

विकास कुमार : माल सलामी पटना बिहार के रहने वाले विकास की जिम्मेदारी थी जो प्रश्न पत्र उसे भेजा गया है उसे लेकर वह उक्त जगह पर आएगा। उसका फोटो कॉफी निकाल कर अभ्यर्थियों को रटने के लिए देगा। उसे प्रिंटर के साथ वहां पहुंचना था।

अतुल वत्स : गैंग के किंगपिन अतुल का काम था कि वह अभ्यर्थियों को अपने वाट्सएप से लीक प्रश्न पत्र का लालच देकर उन्हें इक्ट्ठा करता था। उनसे संपर्क कर उनका परीक्षा का एडमिट कार्ड मंगवाता था।

चुनचुन कुमार : इसका काम था परीक्षा का प्रश्न पत्र की व्यवस्था करना। चुनचुन परीक्षा संचालक एजेंसी से प्रश्न पत्र चोरी करवाता था।

आशीष कुमार : यह एजेंट गुलाब याद, योगेश यादव व अतुल वत्स के संपर्क में थे। इसका काम था अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का लालच देना और उन्हें झांसे में लेकर अतुल के पास पहुंचाना।

योगेश कुमार : यह आशीष कुमार एजेंट के संपर्क में था। यह भी अभ्यर्थियों को लालच देकर उनका एडमिट कार्ड लेता था। भी अतुल व आशीष को भेजता था।

मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह : पूर्वी चंपारण के मुकेश का काम था रड़गांव में जो व्यवस्था क्रिस्टोफर ने की थी उसके संपर्क में वहीं था। उसी को क्रिस्टोफर ने दो नए मोबाइल भी दिया था।

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