झारखण्ड:जिले में एक ही पद पर लंबी तैनाती पर सरकार सख्त,पुलिस लेखापालों को हटाने का निर्देश..
राँची। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे लेखापालों (एकाउंटेंट) पर बड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। पांच या उससे अधिक वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत पुलिस लेखापालों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया गया है।इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन कर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा, उन्हें नए जिले में लेखा संबंधी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यह फैसला हाल के दिनों में सामने आए वेतन निकासी घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं के बाद लिया गया है।बोकारो, हजारीबाग, गढ़वा में पुलिस वेतन मद में अधिक राशि निकासी के मामले उजागर हुए थे। अन्य जिलों में भी ऐसा होने की आशंका है।
सरकार का यह भी स्पष्ट निर्देश है कि जिन लेखापालों को हटाया जाएगा, उन्हें दूसरे जिले में लेखा कार्य से दूर रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबे समय से एक ही पद पर रहकर बने नेटवर्क और संभावित अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस संबंध में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त विभाग के सचिव को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया है। साथ ही गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर से भी आदेश जारी कर सभी जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे कर्मियों की पहचान कर उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सरकार ने सभी जिलों से ऐसे लेखापालों की सूची तलब की है,जो पांच साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर पदस्थापित हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। पूर्व में सामने आए मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीआइडी जांच को भी स्वीकृति दी है

