सीआईएसएफ मुख्यालय ने बीसीसीएल धनबाद इकाई से 3 इंस्पेक्टर सहित 9 कर्मियों का किया तबादला..भ्रष्टाचार जांच के बीच बड़ा फैसला…
बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में असंवैधानिक रूप से हुए ट्रांसफर पोस्टिंग के जांच के बीच सीआईएसएफ मुख्यालय ने एक अहम फैसला लेते हुए बीसीसीएल धनबाद इकाई में कार्यरत तीन इंस्पेक्टर सहित कुल 9 लोगों का तबादला कर दिया है।इनमें इंस्पेक्टर महावीर सिंह को रिजर्व बटालियन राँची, इंस्पेक्टर जमुना लाल मीणा को रिजर्व बटालियन राँची, इंस्पेक्टर नीलमणि मिश्रा को एनसीएल सिंगरौली, सब इंस्पेक्टर सुमित सोनी को सीसीएल करगली भेजा गया।वहीं, एएसआई यशपाल को आईओसी बरौनी, एएसआई बृजभूषण तिवारी को एनटीपीसी हजारीबाग, एएसआई नयन कुमार सिंह को उर्जा निगम,एएसआई योगेन्द्र शरण को टीटीपीए टंडवा तथा हेड कांस्टेबल विजय कुमार सिंह को शक्तिनगर इकाई भेजा गया है।
बताया जाता है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में कार्यरत राजपत्रित व गैर राजपत्रित अधिकारियों को दी जाने वाली कठिनाई भत्ता को गृह मंत्रालय की ओर से बंद किये जाने के बाद सीआईएसएफ में भष्ट्राचार की नींव मजबूत होने लगी।इसका कारण यह है की रिस्क अलाउंस के मद में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर को प्रतिमाह लगभग 16 से 20 हजार रुपये तथा सहायक कमांडेंट से डीआइजी स्तर के अधिकारी को 22 से 24 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन के अलावा दिया जाता था।इनमें जो अधिकारी व जवान अपने ड्यूटी के साथ वेतन से संतुष्ट नही है, वे रिस्क अलाउंस की भरपाई को पूरा करने के लिए अब ड्यूटी में ही रिस्क लेने लगे है।नतीजा यह हुआ की मुख्यालय को इनकी गलत मंशा की भनक लग गई और क्रमवार तरीके से इन पर कार्रवाई की पहल शुरू कर दी गई है।
सीआईएसएफ मुख्यालय बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली सहित कोल सेक्टर में संचालित अपने सभी इकाई में खान व खनिज विकास-विनियमन अधिनियम 1957 एक्ट का पालन करते हुए काम काज करने का निर्देश सभी अधिकारी व जवानों को दी है।जहां उन्हें यह अधिकार होगा की वे किसी भी कोयला तस्करी या अवैध खनन से जुड़े मामले में स्वयं कानूनी कार्रवाई करते हुए दोषी व्यक्ति को न्यायालय की शरण में प्रस्तुत कर सकते हैं।जिससे उन्हें पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई में लेटलतीफी आदि करने का बहाना नही मिले और कोयला तस्करी से जुड़े धंधेबाजों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जा सकें।

