विकास के दावों के बीच मौत का नाला,कफन लेने गए थे भीष्म, फिर लौटे ही नहीं

सिमडेगा: विकास के दावों के बीच सिमडेगा का टोंगरीटोली नाला एक बार फिर एक परिवार की खुशियां लील गया। विडंबना देखिए, भीष्म सिंह अपने एक परिजन के अंतिम संस्कार के लिए कफन खरीदने बाजार गए थे, लेकिन लौटते वक्त खुद ही मौत के आगोश में समा गए।
घटना सोमवार की है। गेनमेर पंचायत के टोंगरीटोली नाला को पार करने के दौरान तेज बहाव में भीष्म सिंह बह गए। सूचना मिलते ही गिरदा ओपी पुलिस ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची और देर रात तक उनकी तलाश करती रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
करीब 24 घंटे बाद मंगलवार सुबह एक ग्रामीण की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर टोंगरीटोली नाला पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल बनाने की गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका मानना है कि यदि यहां पुल बना होता तो भीष्म सिंह आज जीवित होते।
ग्रामीण बताते हैं कि बरसात के दिनों में यह नाला जानलेवा बन जाता है। स्कूली बच्चों से लेकर किसान और आम ग्रामीण तक रोज अपनी जान जोखिम में डालकर इसे पार करने को मजबूर होते हैं। कई बार शिक्षक भी विद्यालय नहीं पहुंच पाते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
अब ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है। उनका कहना है कि हर बारिश के साथ एक नए हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि टोंगरीटोली नाला पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि किसी और परिवार को भीष्म सिंह जैसी अपूरणीय क्षति न झेलनी पड़े।

