जेल से छूटते ही फिर चोरी पर उतर जाता था अरुण, बंद घरों से लेकर रेलवे स्टेशन तक कई वारदातों को दिया अंजाम
राँची। चोरी की पहली वारदात, जेल की सजा और फिर बाहर निकलते ही उसी अपराध की दुनिया में वापसी। राँची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के न्यू मधुकम निवासी 24 वर्षीय अरुण कुमार शर्मा की कहानी कुछ ऐसी ही है। आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले अरुण ने आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद फर्नीचर का काम शुरू किया, लेकिन अच्छी आमदनी नहीं होने के कारण काम में मन नहीं लगा। धीरे-धीरे वह चोरी के रास्ते पर चल पड़ा। पहली बार वर्ष 2022 में चोरी के मामले में जेल गया। करीब 21 दिन बाद जेल से बाहर आया तो फिर चोरी करने लगा। इसके बाद वह कई बार अलग-अलग थानों के मामलों में जेल गया, लेकिन हर बार बाहर निकलने के बाद दोबारा चोरी की वारदातों में शामिल हो जाता था।
छोटी चोरी से बढ़ा हौसला, बंद घरों को बनाने लगा निशाना
पुलिस के समक्ष दिए गए स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार, अरुण की मुलाकात अपने पड़ोस में रहने वाले दिलीप कुमार से हुई। दिलीप मजदूरी का काम करता था। अरुण ने उसे चोरी से अधिक कमाई होने की बात कहकर अपने साथ जोड़ लिया। इसके बाद दोनों रेलवे स्टेशन के आसपास यात्रियों के सामान की चोरी करने लगे। धीरे-धीरे अरुण का हौसला बढ़ता गया और उसने बंद घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।अरुण के बयान से पता चलता है कि वह चोरी को कम मेहनत में कमाई का जरिया समझने लगा था। उसका दावा था कि पकड़े जाने पर कुछ दिन जेल में रहने के बाद वह फिर बाहर आ जाता था। इसी सोच ने उसे बार-बार अपराध की ओर धकेला।
30 सितंबर को बंद घर का दरवाजा तोड़कर घुसा
चुटिया थाना क्षेत्र के विंध्यवासिनी नगर रोड नंबर-4 में रहने वाले पंकज कुमार का घर 30 सितंबर को बंद था। अरुण की नजर इस घर पर पड़ी तो उसने दिलीप कुमार को साथ लेकर चोरी की योजना बनाई। अरुण के स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक, उसने दिलीप को घर के बाहर निगरानी करने के लिए खड़ा किया और खुद लोहे के औजार से दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गया।घर के अंदर खुली अलमारी में रखे नकद रुपये और गहने लेकर वह बाहर निकला। इसके बाद उसने दिलीप को 500 रुपये के कुछ नोट दिए और खुद दूसरी दिशा में भाग गया। अरुण ने पुलिस को बताया कि चोरी की गई नकदी करीब 50 हजार रुपये थी। गहनों में सोने की एक अंगूठी, सीटी गोल्ड के आभूषण और चांदी की पायल शामिल थी। उसने गहने बेचने की कोशिश भी की, लेकिन खरीदार नहीं मिलने के कारण उन्हें बेच नहीं सका। चोरी की रकम में से कुछ पैसे उसने खाने-पीने में खर्च कर दिए।
अंडरवियर की गुप्त जेब में छिपाकर घूम रहा था चोरी का माल
चोरी के बाद भी अरुण का हौसला कम नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, 1 और 2 अक्टूबर की दरम्यानी रात वह चोरी के गहने और नकदी लेकर रेलवे स्टेशन रोड स्थित पार्किंग के पास घूम रहा था। उसने नकदी और गहनों को अपने अंडरवियर में बनाई गई गुप्त जेब में छिपा रखा था। इसी दौरान पुलिस की नजर उस पर पड़ी। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 45 हजार रुपये नकद और चोरी के गहने बरामद हुए।इसके बाद पुलिस उसे बरामद सामान के साथ थाने ले गई। पूछताछ के दौरान अरुण ने विंध्यवासिनी नगर में बंद घर में चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने मामले में उसके साथी दिलीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
एक दर्जन से अधिक वारदातों की आशंका
अरुण के आपराधिक सफर और बार-बार जेल जाने के उसके बयान से पुलिस को उसकी अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। उसके बयान में रेलवे स्टेशन के आसपास यात्रियों के सामान की चोरी करने और बंद घरों को निशाना बनाने की बात सामने आई है।
चुटिया थाना पुलिस ने पंकज कुमार के बंद घर में हुई चोरी के मामले में अरुण कुमार शर्मा और दिलीप कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब बरामद सामान और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित वारदातों की कड़ियां जोड़ सकती है।

