धनबाद स्टेशन पर बाल तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, वास्कोडिगामा एक्सप्रेस से ले जाए जा रहे 3 मासूमों को बचाया गया

 

धनबाद/राँची।झारखण्ड में बाल तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई में धनबाद रेलवे स्टेशन पर तीन नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया गया। वास्कोडिगामा एक्सप्रेस के जरिए बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर ले जाया जा रहा था, लेकिन समय रहते मिली सूचना और विभिन्न एजेंसियों के त्वरित समन्वय ने इस तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास ट्रस्ट, धनबाद के सचिव शंकर रवानी को बच्चों की तस्करी से जुड़ी पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही इसे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के साथ साझा किया गया, जिसके बाद पूरे मामले पर तत्काल कार्रवाई शुरू हुई।मामले की गंभीरता को देखते हुए चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन, राँची के सचिव बैद्यनाथ कुमार ने बिना देर किए सूचना रेल मदद, आरपीएफ इंडिया और डीजीपी रेल सीआईडी, झारखण्ड को उपलब्ध कराई। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और धनबाद स्टेशन पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई।

जैसे ही वास्कोडिगामा एक्सप्रेस धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंची, आरपीएफ और जीआरपी धनबाद की संयुक्त टीम ने सटीक कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। बच्चों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षित बाल गृह (शेल्टर होम) भेज दिया गया है, जहां उनकी देखरेख, काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।

प्राथमिक जांच में बाल तस्करी की आशंका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय तस्करों की पहचान करने में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से बाल तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।

इस सफल अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ कुमार ने कहा कि ‘बाल तस्करी मानवता के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। ग्रामीण विकास ट्रस्ट, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन तथा आरपीएफ-जीआरपी के बेहतरीन समन्वय और त्वरित कार्रवाई के कारण आज तीन मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सका। बच्चों के अधिकारों की रक्षा और तस्करी के खिलाफ हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।”

यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि यदि सामाजिक संस्थाएं, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करें तो बाल तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

error: Content is protected !!