राँची पुलिस का बड़ा खुलासा:गवाह को रास्ते से हटाने के लिए मारी थी गोली,दो अपराधी गिरफ्तार, पिस्टल और पल्सर बाइक ज़ब्त


राँची।राँची जिले के पिठौरिया थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का राँची पुलिस ने महज़ कुछ ही दिनों के भीतर न केवल सफल उद्भेदन कर दिया है, बल्कि घटना में शामिल दोनों मुख्य अपराधियों को दबोच कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने अपराधियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोड पिस्टल और वारदात में इस्तेमाल की गई बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

​क्या था मामला?

​बीती 2 जून 2026 की शाम करीब 6:00 बजे, मदनपुर कोकदोरो निवासी फिरोज अंसारी को निशाना बनाकर मोटरसाइकिल सवार दो अपराधियों ने जान से मारने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें फिरोज अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस संबंध में पिठौरिया थाना में कांड संख्या-63/26 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक राँची के निर्देश और ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम) कर रहे थे।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले प्राथमिक अपराधी शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी को गिरफ्तार किया। वहीं, पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही छापेमारी के डर से दूसरे मुख्य अभियुक्त अफसर अंसारी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे पुलिस ने बाद में रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की।

​मर्डर केस में गवाही रोकने के लिए रची गई थी साजिश

​पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है वह बेहद चौंकाने वाला है। दरअसल, साल 2022 में फिरोज अंसारी के भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी (पिठौरिया थाना कांड संख्या-169/22)। उस मर्डर केस में अफसर अंसारी मुख्य आरोपी था और जमानत पर बाहर चल रहा था, जबकि उसका पिता इदुल अंसारी अभी भी जेल में है।​घायल फिरोज अंसारी अपने भतीजे के मर्डर केस में अदालत में गवाही देने वाले थे। अफसर अंसारी लगातार फिरोज पर गवाही न देने का दबाव बना रहा था और गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। जब फिरोज नहीं माना, तो रास्ते से हटाने के लिए उस पर यह जानलेवा हमला किया गया।

​चोरी की कई घटनाओं में भी थे शामिल

पुलिस के अनुसार, दोनों अपराधियों ने न सिर्फ फायरिंग की बात कबूली है, बल्कि पिठौरिया और कांके थाना क्षेत्र में हुई कई बड़ी चोरियों (गृहभेदन) में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।पुलिस ने अपराधियों के पास से 7.65 mm का एक लोडेड पिस्तौल,​एक जिंदा कारतूस,वारदात में प्रयुक्त बजाज पल्सर बाइक (नं0-JH01EJ-0872) बरामद किया है।

​गिरफ्तार अपराधी अफसर अंसारी का  पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पहले से गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।इस सफल उद्भेदन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय, पुलिस निरीक्षक असीत कुमार मोदी, पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार-1, पु०अ०नि० संतोष यादव, सुनिल कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, संजय कुमार और सशस्त्र बल के जवानों की मुख्य भूमिका रही।

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