भार्गव हत्याकांड:कुख्यात शूटर सत्यम को पुलिस ने दोनों पैर में मारी गोली….सत्यम और विजय ने खोला कई राज…हत्या की सुपारी के लिए बड़ी डील..कुख्यात अपराधी सहित कई की तलाश जारी…

 

राँची।राँची के पंडरा थाना क्षेत्र के कांके डैम साइड पहुंची पुलिस तो कुख्यात शूटर सत्यम पाठक ने पिस्टल छीन गोली चला दी।बुधवार सुबह भार्गव सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी सत्यम पाठक पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें सत्यम के दोनों पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही दबोच लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सत्यम पर पुलिस पर हमला और हत्या के प्रयास का नया केस दर्ज किया गया है।

राँची पुलिस ने मंगलवार को हुए हत्याकांड में सत्यम पाठक को गिरफ्तार किया था। बुधवार सुबह उसे हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए कांके डैम के पास ले जाया गया था। इसी दौरान उसने अचानक चालाकी दिखाते हुए एक पुलिस पदाधिकारी की पिस्टल छीन ली और झाड़ियों की ओर भागने लगा। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन उसने दो से तीन राउंड फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। गोली लगते ही सत्यम गिर पड़ा और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, सत्यम पाठक हार्डकोर अपराधी है। वह पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है।

21 अप्रैल को गिरफ्तार विजय टेटे ने दी थी शूटर सत्यम की जानकारी

पंडरा के मनोकामना मंदिर में 21 अप्रैल की सुबह पूजा कर बाहर निकल रहे भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मरने से पहले भार्गव ने पुलिस को हमलावरों के बारे में सुराग दिया था। स्पेशल टीम ने 24 घंटे के भीतर विजय टेटे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि हत्याकांड का शूटर सत्यम पाठक है, वह बक्सर भागने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने सत्यम को नेवरी विकास के पास से पकड़ लिया।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,भार्गव सिंह की हत्या करने के लिए शूटर सत्यम पाठक के साथ बड़ी डील हुई थी।इस हत्याकांड में और एक कुख्यात अपराधी का हाथ बताया जा रहा है।पुलिस की माने तो सत्यम पाठक को पैसों की जरूरत थी।सत्यम ने एक कुख्यात अपराधी से पैसों की मांग किया।उसी कुख्यात अपराधी ने मुख्य साजिशकर्ता विजय से सत्यम की डील कराई।सूत्रों की माने तो ये डील 10-15 लाख में हुई।उसके बाद एडवांस में 3 लाख कुख्यात अपराधी के द्वारा सत्यम तक पहुँचाया गया।उसके बाद सत्यम पाठक ने घटना को अंजाम दिया।पुलिस को विजय टेटे से मिली जानकारी के बाद राँची पुलिस की स्पेशल टीम करीब एक दर्जन अपराधियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

19 की उम्र में अपराधी बना सत्यम

सत्यम पाठक का आपराधिक सफर 19 साल की उम्र में शुरू हुआ। 2012 में पंडरा क्षेत्र में उस पर पहली बार जानलेवा हमले का केस दर्ज हुआ। इसके बाद 2014 में डोरंडा थाने में हत्याकांड में उसका नाम आया। वह धीरे-धीरे बड़े अपराधियों की श्रेणी में शामिल हो गया। 7 जुलाई 2024 को उसने पार्षद वेद प्रकाश की हत्या कर सनसनी फैलाई।पुलिस के साथ एनकाउंटर में शूटर सत्यम पाठक के दोनों पैर में गोली लगी है।

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