भार्गव सिंह हत्याकांड:एफआईआर में नया खुलासा…ITBP कैंप के पास जमीन दिलाने के नाम पर लिए थे 70 लाख, दबाव बनाने पर विजय टेटे ने मार दी गोली…

राँची।राजधानी के सुखदेवनगर (पण्डरा ओपी) थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह खूनी वारदात से दहल उठी। पण्डरा स्थित मनोकामना मंदिर में पूजा कर बाहर निकल रहे ‘सिंह इन्फ्राकॉम प्रा.लि. (गोल्डन सिटी)’ के सीईओ भार्गव सिंह उर्फ छोटू (28 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी विजय टेटे फायरिंग करते हुए फरार हो गया। घायल भार्गव ने अस्पताल में दम तोड़ने से पहले अपने जीजा को कातिल का नाम बताया। पुलिस ने धारा-103 (1) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भार्गव के जीजा और कंपनी के मालिक शैलेश सिंह ने दर्ज प्राथमिकी में पुलिस को बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे भार्गव अपनी बहन को “जूस तैयार रखना” कहकर मंदिर गए थे। तभी आरोपी विजय टेटे (गांधीनगर, कांके) ने उन्हें फोन किया। भार्गव ने उसे मंदिर ही बुला लिया। जैसे ही भार्गव पूजा कर बाहर निकले, विजय ने उन पर फायरिंग कर दी। लोगों ने आरोपी को घेरने की कोशिश की, लेकिन वह दहशत फैलाते हुए भाग निकला।

70 लाख रुपये और जमीन की ‘डील’ बनी मौत की वजह

आरोपी विजय टेटे ने हुरहुरी उषामातु ITBP कैंप के पास जमीन दिलाने के नाम पर शैलेश सिंह और भार्गव से करीब 70 लाख रुपये लिए थे।

दबाव पड़ा तो कर दी हत्या: लंबे समय से न जमीन मिल रही थी और न ही पैसे वापस हो रहे थे। भार्गव और शैलेश लगातार विजय पर दबाव बना रहे थे। इसी विवाद को खत्म करने के लिए विजय ने मंदिर को ‘डेथ ट्रैप’ बनाया और भार्गव की हत्या कर दी। गोली लगने के बाद भार्गव को पहले सिटी हॉस्पिटल (पिस्का मोड़) ले जाया गया। वहां वह होश में थे। उन्होंने अपने जीजा को साफ तौर पर बताया कि “विजय टेटे ने मुझे गोली मारी है।” इसके बाद उन्हें पारस अस्पताल (धुर्वा) रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान सुबह 11:30 बजे उनकी मौत हो गई।पुलिस ने आरोपी विजय टेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

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