एसीबी ने महिला एएसआई को घुस लेते हुए रंगेहाथ किया गिरफ्तार, भेजा जेल।

दुमका। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दुमका नगर थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (ASI) कल्याणी साहा को 3,000 (तीन हजार) रुपये रिश्वत लेते नगर थाना के पास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मूल रूप से गोड्डा जिला के पोड़ैयाहाट की रहने वाली कल्याणी इससे पहले महिला थाना में पदस्थापित थी। आरोपों के मुताबिक, एक केस के सिलसिले में वह शिकायतकर्ता को ही धमका रही थीं और पैसे न मिलने पर जेल भेजने की धमकी दे रही थीं।ऐसे में शिकायतकर्ता की शिकायत के सत्यापन के उपरांत पैसे लेते ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिय।

दरअसल, शिकायतकर्ता सिमोन सोरेन इन दिनों जामताड़ा जिला के पविया-नारायणपुर में रह रहे हैं, जबकि उनका पुत्र 22 वर्षीय मनोज सोरेन दुमका में कड़हलबिल-रामरतन सिंह रोड में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 12 फरवरी, 2020 को जब वे दुमका पहुंचे, तो पाया कि उनके घर में ताला लटका हआ है। बेटा मनोज सोरेन का कहीं कोई अता-पता नहीं है। दूसरी चाबी से उन्होंने ताला खोला और बेटे के मोबाइल से संपर्क करना चाहा, तो संपर्क भी नहीं हो पाया।

इस दौरान उन्होंने सगे-संबंधियों से भी संपर्क कर उसकी खोजबीन करने का प्रयास किया। इस मामले में उन्होंने 19 फरवरी, 2020 को नगर थाना में आवेदन दिया। इस मामले की पड़ताल की जिम्मेवारी एएसआइ कल्याणी साहा को दी गयी. इसी क्रम में उन्होंने 7 मार्च को शिकायतकर्ता सिमोन सोरेन को थाने में बुलाया। सिमोन सोरेन 7 मार्च को थाना में उपस्थित नहीं हो सके। दूसरे दिन जब वे थाना पहुंचे, तब तक उनका अपने बेटे से संपर्क नहीं हो पाया था। उसी तिथि को कल्याणी साहा ने उससे कहा कि उनका बेटा जामताड़ा चला गया है। सिमोन ने बताया कि चूंकि वे जामताड़ा में नहीं रहते, इसलिए शायद उन्हें जानकारी नहीं हुई।

इस पर कल्याणी ने उन्हें डांटते हुए कहा था कि अपने लड़के को घर में छिपाकर रखे हुए हैं। वे उन पर केस कर देंगी और जेल भेज देंगी। सिमोन ने तब कहा कि अगर लड़का घर आ गया है, तो मुझे केस नहीं करना है। इस पर कल्याणी ने रिश्वत के तौर पर रुपये की मांग की। धमकी दी कि 3,000 रुपये नहीं देने पर सिमोन को जेल जाना होगा। उस दिन सिमोन से कल्याणी ने 1,000 रुपये ले लिये। इस बीच, सिमोन ने एसीबी में शिकायत दर्ज करा दी। शुक्रवार (13 मार्च, 2020) को 3,000 रुपये जैसे ही सिमोन ने कल्याणी को दिये, एसीबी की टीम ने एएसआइ को धर दबोचा।

वर्दी में ही कल्याणी रिश्वत ले रहीं थीं और उसी वक्त एसीबी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वर्दी में ही उन्हें एसीबी के कार्यालय ले जाया गया, जहां से कागजी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। कल्याणी साहा की गिरफ्तारी एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक सिरिल मरांडी के नेतृत्व में एक टीम ने की। इस कांड के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर उत्तर तिवारी बनाये गये हैं।

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