फर्जी बीमा एजेंट बनकर 5.5 लाख रुपये की ठगी, प्री-मैच्योरिटी के नाम पर एक व्यक्ति को बनाया शिकार

–गुरुग्राम–महाराष्ट्र के नंबरों से कॉल कर इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लिया झांसे में, साइबर थाना राँची में प्राथमिकी दर्ज

राँची। राजधानी में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी बीमा एजेंट बनकर शातिर ठगों ने एक व्यक्ति से 5 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। इस संबंध में राँची के अशोक विहार निवासी सुदर्शन श्रीवास्तव की शिकायत पर साइबर थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि उसे अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया गया। कॉल करने वालों में खुद को मीनाक्षी (गुरुग्राम), जान्ह्वी राणा (महाराष्ट्र) और एनपी भगत (गुरुग्राम) बताने वाले लोग शामिल थे। ठगों ने पीड़ित को उसकी चार बीमा पॉलिसियों की प्री-मैच्योरिटी भुगतान प्रक्रिया का झांसा दिया। इसके लिए पहले प्रोसेसिंग फीस और टेम्पररी पॉलिसी अकाउंट खोलने के नाम पर पैसे मांगे गए। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹5.50 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

पहले 5 लाख फिर 50 हजार ठगों ने कराएं ट्रांसफर

साइबर ठगों ने पहले 5 लाख रुपए इंडसइंड बैंक के एक खाते (नई दिल्ली) में दो किस्तों में ट्रांसफर कराए। फिर 50 हजार रुपए यूपीआई के जरिए एक अन्य व्यक्ति (पियूष ठाकुर) के खाते में जमा कराए। ठगों ने भुगतान के बदले फर्जी रसीदें भी जारी कीं, जिससे पीड़ित को शक नहीं हुआ। इसके बाद ठगों ने एक अन्य पॉलिसी के नाम पर 4 लाख रुपए की और मांग की। इस बार पीड़ित को शक हुआ और उसने पैसे ट्रांसफर नहीं किए। हालांकि ठगों ने फर्जी भुगतान रसीद भी बना दी, जिससे पूरे गिरोह की चाल सामने आ गई। साइबर थाना रांची ने मामला दर्ज कर संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है।

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